'Vishwas' will help in settling income tax dispute, implemented in the state

आयकर का विवाद निपटाने में काम आएगा ‘विश्वास’, प्रदेश में हुआ लागू

भिलाई . हमारे देश में आय पर आयकर अधिनियम 1961 द्वारा शासित हैं। विभिन्न कारणों से आयकर से संबंधित 4.5 लाख से अधिक विवादित मुद्दे विभिन्न स्तरों पर अपील में विचाराधीन है, जिसके कारण आयकर दाताओं व आयकर विभाग के मध्य अनावश्यक विवाद बना हुआ है। जो कहीं न कहीं गुड गवर्नेंस के साथ ही ईज़ ऑफ डुइंग बिजनेस पर विपरीत प्रभाव भी डाल रहा है। इसके अलावा सरकार का 9.5 लाख करोड़ के करीब कर राजस्व विवादों के कारण समय पर संग्रहित नहीं किये जाने से देश के सतत विकास को भी अवरूद्ध कर रहा है। अनावश्यक संसाधानों व समय की बर्बादी का कारण भी बन रहा है। इन सभी कारणों की वजह से सरकार ने केंद्रीय बजट 2020 में कर विवादों के प्रभावी तरीके से निपटारे के लिए ‘विवाद से विश्वास स्कीम’ लाने की बात की थी।

जिसके अनुसार केंद्र सरकार यह कानून लाई है। केंद्र सरकार द्वारा पेश किये गये इस विधेयक की जानकारी देते हुए सीए पियूष जैन ने बताया कि इस बिल के पास हो जाने से अब डायरेक्ट टैक्स से जुड़े विवादों का निपटान आसान हो जाएगा। यह योजना टैक्स अधिकारियों के वार्षिक प्रदर्शन के मूल्यांकन का आधार भी बनेगी। उन्होंने बताया कि अधिकारियों के अप्रेजल और पोस्टिंग में विवाद से विश्वास योजना के तहत उनके प्रदर्शन की एक बड़ी भूमिका होगी। इससे टैक्स अधिकारी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित होंगे।

किसे कितना होगा फायदा

सीए श्री जैन ने बताया कि बिल के अनुसार, 31 जनवरी 2020 तक जो मामले कमिश्‍नर (अपील), इनकम टैक्‍स अपीलीय ट्रिब्‍यूनल, हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में लंबित थे, उन मामलों पर यह योजना लागू होगी। लंबित अपील टैक्‍स विवाद, पेनाल्‍टी या ब्‍याज से जुड़ी हो सकती है और यह एसेसमेंट या रीएसेसमेंट से भी जुड़ा हो सकता है। इसमें TDS और TCS से जुड़े मामलों को भी शामिल किया जाएगा और नोटबंदी के समय के मामले भी इसमें शामिल होंगे। हालांकि 31 मार्च, 2020 तक बकाया टैक्स की पूरी रकम जमा करानी होगी। 30 जून, 2020 तक टैक्स भुगतान करने पर बकाया टैक्स के साथ ही 10 प्रतिशत रकम या टैक्स का ब्याज और जुर्माना या इनमें से जो भी रकम कम हो।

ऐसे समझें पूरा टैक्स केलकुलेशन

मान लिजिए आप पर 20 हजार रुपये टैक्स बकाया है, तो 31 मार्च तक आप इतनी रकम जमाकर मामला खत्म कर सकते हैं। 31 मार्च के बाद 30 जून तक 20 हजार के साथ ही 2000 रुपये एक्स्ट्रा देने होंगे। अब इसमें ब्याज और जुर्माना 2000 रुपये से जो कम हो, वो देनी होगी। अगर ब्याज और पेनल्टी बकाया है, तो… सीए श्री जैन ने बताया कि अगर ब्याज और पेनल्टी बकाया है, तो 31 मार्च, 2020 तक 25 प्रतिशत रकम देकर केस खत्म कर सकते हैं। 31 मार्च के बाद 30 जून तक ब्याज और पेनल्टी का 30 प्रतिशत भुगतान करना होगा। इनकम टैक्स छापे के मामले में 31 मार्च तक बकाया टैक्स के साथ 25 प्रतिशत अतिरिक्त रकम देनी होगी। 30 जून तक टैक्स के साथ ही 35 प्रतिशत एक्स्ट्रा रकम देनी होगी।

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