two innocents reached the police station with a piggy bank

जब दो मासूम गुल्लक लेकर पहुंच गए पुरानी बस्ती थाने.. फिर क्या हुआ

रायपुर. राजधानी के कुशालपुर इलाके में रहने वाले ऐश्वर्या और वीरा नाम के दो बच्चे आज सुबह अपने हाथों में गुल्लक उठाए पुरानी बस्ती थाने पहुंच गए। थाने पहुंचकर उन्होंने बड़ी मासूमियत से गुल्लक दिखाते हुए कोरोना पीड़ितों के लिए यह पैसे दान देने की गुजारिश की। काफी देर तक थाने में मौजूद स्टाफ उनकी मासूमियत और जज्बे को निहारने से रोक नहीं पाए।

दरअसल दोनों बच्चे जैसे ही थाने में पहुंचे तो किसी को समझ ही नहीं आ रहा था कि बच्चे आखिर गुलल्क दिखाकर चाहते क्या हां। थोड़ी देर बाद उनके पिता यादव वहां पहुंचे और उन्होंने पूरी जानकारी दी कि ये बच्चे अपने गुल्लक के पैसे कोरोना पीड़ितों के लिए दान देना चाहते हैं।

प्रमोद ने बताया कि कई वर्षों से ये बच्चे इस गुल्लक में एक दो रुपया जमा कर रहे थे ताकि खुद के लिए खिलौने और कपड़े खरीद सके, लेकिन हर रोज टीवी पर कोरोना पीड़ितों के लिए दान करने की खबर देख कर इन्होंने कहा हमे भी दान करना है, और यहां आ गए। बता दें की बच्चे रायपुर के कुशालपुर इलाके के रहने वाले हैं। पिता का नाम प्रमोद यादव है। दोनों बच्चों का नाम ऐश्वर्य एवं कुमारी वीरा यादव है।

दोनों ने गुल्लक में जमा किए हुए 1770 रुपए को कोराना वायरस से प्रभावित व्यक्तियों के सहायता के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराने के लिए थाना प्रभारी पुरानी बस्ती के हाथों में अनुदान राशि जमा किया है।

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