Tourism and hotel industry suffering from lock-down

लॉक डाउन की मार से बेहाल छत्तीसगढ़ का पर्यटन व होटल व्यवसाय

रायपुर. पूरे राज्य में कोरोना वायरस coronavirus covid-19 की रोकथाम के लिए किए गए लॉक डाउन के चलते उद्योग के साथ ही साथ पर्यटन उद्योग और होटल व्यवसाय पर खासा असर पड़ा है। ऐसे में इन क्षेत्रों से जुड़े व्यापारियों के सामने व्यापार चलाना और उसमें काम करने वाले कर्मियों के सामने रोजी-रोटी की समस्या आ खड़ी हुई है।

रायपुर शहर के पांच सितारा होटेल बेबीलोन ग्रूप के प्रबंध निदेशक जसप्रीत खनूजा ने न्यूज़ स्लॉट्स से विशेष बातचीत में बताया की इस लॉकडाऊन की वजह से उनके पूरे समूह को 15 तारीख तक तकरीबन 2 करोड़ का नुकसान होने जा रहा है। वे बताते हैं कि इस मुश्किल घड़ी वे अपने 700 कर्मचारियों को वेतन दे रहे हैं। उन्होने अपने कर्मचारियों को रायपुर नगर निगम से सफाई एवं सेनिटायजेशन के ट्रेनिंग प्रोग्राम में प्रशिक्षण भी प्राप्त करवाया है। होटल उद्योग को सरकार से जुड़ी राहत पे उन्होने कहा की राज्य सरकार से होटल व्यावसायियों की बातचीत हुई है जिसमे लॉक डाउन की अवधि के बिजली बिल को माफ किया जा सकता है। साथ ही इस अवधि के बार लाईसेंस फीस को भी माफ किए जाने की बात प्रस्तावित है।

होटलों में स्वास्थ्य जांच की हो सुविधा

जसप्रीत खनूजा के मुताबिक छत्तीसगढ में चीन और जपान से विभिन्न कंपनियों के तकनीकी कर्मचारी आते जाते रहते हैं। वे सूबे में स्टील, पॉवर, खनिज एवं सीमेंट उद्योग की मशीनों की मरम्मत में सहायता प्रदान करते हैं। ऐसी स्थिति में हर होटल को भविष्य में सतर्कता बरतने की ज़रूरत है, छत्तीसगढ स्वास्थ विभाग को भविष्य मैं ऐसी त्वरित जाँच किट व सभी चार व पांच सितारा होटलों को प्रदान करनी चाहिए। जिससे होटल में चेक इन से पहले यात्री की जांच की जा सके।

शाकाहार को दिया जाए बढ़ावा

नया रायपुर स्थित ललित महल होटल के प्रबंध निदेशक ललित पटवा ने शाकाहार खानपान को बढ़ावा देने हेतु होटल व्यवसाइयों को प्ररित किया है, उनका कहना है की ” हत्या किसी भी प्रकार की हो उसका अंजाम बहुत बुरा होता है ”। उन्होने बताया की उनके होटल मैं परमानेंट स्टाफ नियुक्त किया गया जो सेनिटायजेशन प्रक्रिया की देख रेख करता है। अपने समूह की आर्थिक हानि से जुड़े तथ्यों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि उनके होटल परिसर में सवा सौ कर्मचारी कार्यरत हैं। अगर यह लॉक डाउन 15 तारीख तक भी होता है तो उन्हें 3 करोड़ रुपयों का नुकसान झेलना पड़ सकता है।

शादियों की बुकिंग हुई रद्द

ललित पटवा के मुताबिक 22 तारीख से जो शादियों और अन्य कार्यक्रमों की बुकिंग थी उन सभी को इसके चलते रद्द कर दिया गया है। अब आगे आने वाली 3 महीनों की बुकिंग का भी नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि दिवाली के बाद ही होटल व्यवसायियों के असली नफे-नुकसान की स्थिति की सटीक जानकारी मिल पाएगी। उन्होने सरकार से यह उम्मीद जताई है की होटल व्यवसायों ने जो कर्ज़ा बैंको से उठा रखा है, उस पर कोई ब्याज ना लिया जाए ताकि नुकसान की कुछ हद तक भरपाई हो सके।

विदेश से आने वालों का स्वास्थ्य परीक्षण हो

इसी तरह लाभंडी स्थित सायाजी होटेल के महाप्रबंधक अमिताभ शर्मा ने बताया कि लॉक डाउन के चलते इन परिस्थितियों में प्रशासन द्वारा दिए गए सभी मापदंड़ों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। भविष्य मे विदेश से आने वाले यात्रियों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

ठोस कदम उठाने ही पड़ेंगे

मेग्नेटो मॉल स्थित होटल हयात के महाप्रबंधक हर्कर्न सिंह का कहना है कि इस मुश्किल की घड़ी में होटल व्यावसायी समुदाय को एकजुटता दिखानी होगी और धैर्य का परिचय देना होगा, हो सकता बहुत सारी लोग बेरोज़गार हो जाएं। छोटे होटल व्यवसाईयों के नुकसान की भरपाई हेतु व्यावसायिक संगठनो, केंद्र और राज्य सरकारों को ठोस कदम उठाने ही पड़ेंगे।

ख़याल ज़रूर रखा जाएगा

इस सन्दर्भ मैं जब पर्यटन विभाग के सचिव अनबलगन पी से चर्चा की गई तो उन्होने बताया की अभी मेरा कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। लेकिन हां भविष्य मे आने वाली सरकार के किसी भी राहत योजना में होटल उधोग का ख़याल ज़रूर रखा जाएगा।

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