यही सही मौका, ग्रेजुएशन के साथ करें पीएससी की तैयारी

रायपुर/ शासकीय सेवा में जाने के लिए सहीं समय क्या होता है? ग्रेजुएशन के बाद या पहले या कॉलेज की पढ़ाई के साथ-साथ। ऐसे ही कुछ सवालों के जवाबों से स्टूडेंट्स को रूबरू होने का अवसर मिला। मौका था प्रगति कॉलेज और उड़ान आईएएस एडमिनिस्ट्रेटिव एकेडमी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुए कॅरियर सेमिनार का। इसमें एकेडमी के विषय विशेषज्ञों ने प्रशासनिक सेवा क्या होती है? एक अफसर के क्या क्या कार्य होते हैं? आप अधिकारी के रूप में समाज में क्या बदलाव ला सकते हैं? जैसे बिन्दुओं पर स्टूडेंट्स से जानकारी साझा की। एक्सर्पट्स ने बताया कि जिस प्रकार वर्तमान में प्रतियोगी परीक्षा में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, उसे देखते हुए इस फील्ड में आने का लक्ष्य रखने वाले स्टूडेंट्स ग्रेजुएशन के साथ ही तैयारी शुरू करें। इससे उनके सिलेक्शन के चासेंस बढ़ जाते हैं। कार्यक्रम में कॉलेज की प्राचार्या प्रोफेसर सौम्या नय्यर ने बताया कि परिश्रम का कोई दूसरा विकल्प नहीं है। सेमिनार में बतौर विशेषज्ञ रवि गोयल, सुधीर वर्मा, ऋषि साहू, रियाजुद्दीन खान एवं प्रदीप राव उपस्थित थे । संचालन आईक्यूएसी समन्वयक डॉ.स्वाती श्रीवास्तव ने किया।

एक्सपर्ट्स ने बताया

सिविल सर्विस है क्या
सेमिनार में स्टूडेंट्स को विस्तार से बताया गया कि पीएससी के द्वारा स्टूडेंट्स स्टेट सिविल सर्विस में उप-जिलाधीश से लेकर नायब तहसीलदार के पद तक चयनित हो सकते हैं। राज्य सेवा में शामिल पद जैसे डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी, एकाउंट ऑफिसर,फ़ूड ऑफिसर और रोजगार अधिकारी जैसे पद शामिल हैं।

कब दे सकते हैं परीक्षा
पीएससी के स्टेट सर्विस एग्जाम में शामिल होने के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष एवं अधिकतम 40 वर्ष ( छग राज्य के संदर्भ में) निर्धारित है। उम्मीदवार की शैक्षणिक योग्यता किसी भी विषय से स्नातक होना चाहिए।

कैसे करें तैयारी
एक्सपर्ट्स ने बताया कि तैयारी स्नातक के साथ करना ज्यादा बेहतर है। सिलेक्शन के लिए चाहिए कि सिलेबस को ध्यान में।रखकर पढ़ें। पूर्व में आयोजित परीक्षाओं के प्रश्न पत्र हल करें। टेस्ट सीरीज जॉइन करें। किसी संस्थान में जुड़कर कमजोर पहलुओं पर विषय विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में काम करें।

तीन चरणों में परीक्षा
राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा यह परीक्षा तीन चरणों मे अयोजित की जाती है। पहले चरण मे प्रारम्भिक परीक्षा होती है। दो पालियों में होने वाली परीक्षा में कुल 100-100 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं। दूसरा चरण मुख्य परीक्षा का होता है। इसमें 7 प्रश्न पत्र होते हैं। साक्षात्कार परीक्षा का सबसे अंतिम चरण है।इसमें उम्मीदवार के व्यक्तित्व का परीक्षण किया जाता है। मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के अंक जोड़कर मेरिट लिस्ट तैयार होती है। इसी के आधार पर विभिन्न पदों पर चयन होता है।

धैर्य का इम्तिहान है पीएससी
एक्सपर्ट्स के अनुसार पीएससी परिश्रम के साथ-साथ आपके धैर्य की परीक्षा भी लेती है। इसलिए उम्मीदवार को चाहिए कि वे तैयारी में अपना धैर्य ना खोए। कई बार आप कुछ नंबर से चूक सकते हैं, ऐसे मौकों पर पर निराश ना हो।

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