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यूपी में दादागिरी पर उतर आए हैं जमाती, कानपुर, फिरोजाबाद, मेरठ का हाल

उत्तर प्रदेश. सूबे में अब तक यहां 305 केस मिल चुके हैं। इसमें से एक इंडोनेशियाई व सात बांग्लादेशी नागरिकों समेत 159 तब्लीगी जमात मरकज में शामिल लोग कोरोना की चपेट में हैं। अब ये जमाती मनमानी पे उतर आए हैं। न तो इलाज में सहयोग कर रहे हैं और न ही अपने घरों से निकलकर जांच करवा रहे हैं। कहीं वे डॉक्टर्स पर थूक रहे हैं तो कहीं मेडिकल स्टाफ से अभद्रता कर रहे हैं।

बता दें कि अब तक 1203 जमातियों को ढूंढकर उन्हें क्वारैंटाइन किया जा चुका है। मेरठ का रहने वाला 33 वर्षीय युवक दिल्ली के मरकज से लौटा है, जो कानपुर के नौबस्ता खैर मस्जिद में छिपा था। उसे 31 मार्च को मस्जिद से बाहर निकालकर क्वारैंटाइन किया गया। रविवार को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो उसने हंगामा करना शुरू कर दिया।

सरसौल सीएचसी में शिफ्ट करने के दौरान उसने डॉक्टरों पर थूक दिया और गाली-गलौच करने लगा। उसके बाद खुद को कमरे में बंद कर दिया। टीम ने उस पर रासुका लगाने व सीएम योगी से शिकायत करने की धमकी दी तो कमरे से बाहर निकला। लेकिन, अभी भी वह इलाज में सहयोग नहीं कर रहा है।

फिरोजाबाद में 21 मार्च को दिल्ली के मरकज से लौटे सात तब्लीगी जमातियों में से चार में बीते शुक्रवार को कोरोना पॉजिटिव पाया गया। इसके बाद उनके संपर्क में आने वाले 27 लोगों को मेडिकल कॉलेज में जांच के लिए भेजा गया। लेकिन, सभी वार्ड नंबर 35 के बाहर आ गए। एक साथ बैठकर नमाज पढ़ी। आरोप है कि इन लोगों ने दीवारों पर थूका और रोकने पर लोगों के साथ अभद्रता की। इन सभी पर महामारी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।

मेरठ जिले में अब तक 341 की पतासाजी हुई है जिसमें 20 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। इनमें 8 जमाती हैं। रविवार को स्वास्थ्य विभाग ने मवाना क्षेत्र से 9 मस्जिदों से 27 लोगों को खोजा है, जो जमातियों के संपर्क में आए थे। लेकिन, अकबरपुर सादात में सऊदी से आए लोगों की जांच को पहुंची डब्लूएचओ की टीम के साथ लोगों ने अभद्रता की। इस संबंध में टीम के सदस्यों ने एसडीएम से शिकायत की है। मामले में एसओ बहसूमा को आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

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