khel gaon swimming

भारतीय खेल प्राधिकरण ने प्रदेश के तैराकों को वापस घर भेजा, प्रैक्टिस डाइट हुई चौपट

खेल गांव पुरई khel gaon हमेशा से ही अपने तैराकों के बूते खुद को देश में साबित करता आया है। तैराकों ने मेहनत से भारतीय खेल प्राधिकरण गुजरात (साई) में जगह बनाई है। लेकिन कोरोना और उसके लॉकडाउन ने इनकी मेहनत पर एक तरह से पानी फेर दिया। कोरोना लॉकडाउन की वजह से देशभर में साई के हॉस्टल को बंद कर दिया गया है।

इसलिए khel gaon पुरई के तैराक भी १९ मार्च को भिलाई लौट आए। लौटने से उनका सबसे बड़ा नुकसान हुआ वो है, डाइट और प्रैक्टिस। ये तैराक महीने भर से बिना प्रैक्टिस के हैं, जिससे वे स्वीमिंग का रिदम खोते जा रहे हैं। तैराकों को जिस वेट केटेगरी स्पर्धा में शामिल होने के लिए तैयार किया जा रहा था, अब उसके लिए उन्हें दोबारा से मेहनत करनी पड़ेगी।

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रुटिन सेट होता है

तैराक लक्की ओझा ने बताया कि साई में उनका पूरा रुटिन सेट होता है। सुबह उन्हें फिजिकल एक्सरसाइज कराई जाती है। इसमें करीब 3 घंटे लगते हैं। हाई कैलोरी बर्न और तैराकी के लिहाज से विशेष एक्सरसाइज होती है। इसके बाद प्रोटीन युक्त नाश्ता मिलता है। फिर वे सभी वापस हॉस्टल चले जाते हैं। इसके बाद दोपहर में खाना खाने के एक घंटा बाद स्वीमिंग की क्लासेस शुरू हो जाती है, जो शाम तक चलती है। हर रोज एक तैराक को 8 हजार मीटर यानी 7 किमी. का स्वीमिंग रेंज पूरा करना होता है, जिससे रिदम बनी रहती है। इसके बाद रात को खाना खाकर दोबारा सुबह जल्द उठना होता है।

जानिए… क्या है साई की डाइट

सुबह – दूध, ब्रेड, केला, अंडा, स्प्राउट, बटर, जैम।

दोपहर – हाईप्रोटीन दाल, रोटी, चावल, फ्रूट, जूस।

रात – चिकन, दाल, रोटी, सब्जी।

पुरई के ये तैराक हैं साई गांधी नगर में धंनु ओझा, भूमिका ओझा, हेमलता ओझा, चंद्रकला ओझा, लक्की ओझा, सम्राट ओझा, रवि ओझा, सिद्वार्थ ओझा, डोमन देवांगन, दिग्विजय यादव, लोकेश कुमार।

साई ने वापस भेज दिया सबको घर

कोरोना के खतरे से अपने खिलाडिय़ों को बचाए रखने साई ने सभी हॉस्टलों को खाली करा दिया। पीएम मोदी पहले ही जनता कफ्र्यू के बारे में बता चुके थे। इससे पहले ही साई ने अपने खिलाडिय़ों को वापस घर भेजने की तैयारी शुरू कर दी। साई गुजरात जाने से पहले इनके कोच रहे ओम कुमार ओझा ने बताया कि वह इन khel gaon तैराकों को लाने के लिए स्वयं ही गुजरात रवाना हुआ।

19 मार्च को वे सभी वापस भिलाई लौट गए। ओम भी सर्टिफाइड स्वीमिंग ट्रेनर व लाइफ गार्ड है, जिन्होंने इन बच्चों को साई में जगह दिलाने खूब मेहनत की। ओम का कहना है कि जब यह सभी तैराक वापस साई जाएंगे तो दोबारा प्रैक्टिस के दौरान उनको बहुत जोर पड़ेगा। स्वीमिंग की रिदम फिर वापस लानी होगी।

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