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इस स्कूल में बोलती हैं दीवारें, गणित और विज्ञान विषय का ज्ञान देना इनकी जिम्मेदारी, घूमते हुए पढ़ते हैं बच्चे

रायपुर . पाटन ब्लॉक में एक ऐसा स्कूल जहां बच्चे घूमते फिरते विषयों की पढ़ाई करते हैं। पहाड़े दीवारों पर लिखे हुए हैं। कौन सा कॅरियर बेहतर रहेगा यह भी बच्चों को खूब पता है। हर कोर्स और उनमें संभावनाएं उनकी उंगलियों पर रहता है। यहां दीवारें ही नहीं बोलतीं, बल्कि उनके पिलर भी संकेत देते हैं। यह पाटन ब्लॉक का पतोरा शासकीय हाईस्कूल है, जिसके चर्चे पूरे जिले में होते हैं। शिक्षा की गुणवत्ता व बच्चों के लिए सुविधाएं ऐसी की निजी स्कूल भी शरमा जाएं।

कॉलेज की तर्ज पर बनाई लाइब्रेरी

पतोरा स्कूल प्रदेश का पहला है, जहां सबसे पहला स्मार्ट क्लासरूम तैयार किया गया। यही नहीं बच्चों के लिए कॉलेज की तर्ज पर ओपन लाइबे्ररी बनाई। प्राचार्य के साथ यहां 6 शिक्षक योगिता शर्मा, प्रीति बाला साहू, रंजू देवांगन, त्रिवेणी साहू, कोमल सिंह बंजारे और संगीता गोसाई ने बड़ा योगदान दिया। शिक्षा की गुणवत्ता का ही परिणाम है कि यहां के 62 फीसदी बच्चे इस साल प्रथम श्रेणी से उत्तीण हुए।

इसलिए बनी प्रदेश में अलग पहचान

पतोरा शासकीय शाला को प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ स्कूलों में जगह दी गई है। यह मुकाम यूं ही नहीं बना, बल्कि शानदार इंफ्रास्टक्चर, शैक्षणिक गतिविधि, खेलकूद का संचालन और दिवारों व पिलरों पर शिक्षाप्रद जानकारी से यह स्थान दिलाया।

सविता बनर्जी, प्राचार्य, शासकीय हाईस्कूल पतोरा ने बताया कि यह सम्मान उन सभी का है, जिसने स्कूल को बेहतर बनाने में अपना सहयोग दिया। स्कूल की बेहतरी के लिए समुदाय ने जनसहयोग से तस्वीर बदल दी। यह पहला स्कूल है जहां लड़कियों को सिलाई मशीन का प्रशिक्षण स्कूल में ही दिया जाता है। खेल के वॉलीबॉल कोर्ट तैयार कराया है, जहां रोज बच्चे खुद को तराशते हैं।

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