भारत-चीन तनाव के बीच LAC में जवानों के रोटेशन प्रक्रिया शुरु

50 हजार से ज्यादा सैनिक तैनात

दिल्ली. पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत और चीन के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। तनाव के बीच भारत ने लंबे समय से एलएसी में पदस्थ जवानों को राहत देने के लिए रोटेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस प्रक्रिया को विशेषज्ञ लंबे समय तक एलएसी पर मौजूद रहने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

सेना के अधिकारियों का कहना है, कि कठिन व दुर्गम स्थानों पर पदस्थ जवानों की तैनाती में रोटेशन प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसका मकसद यह रहता है, कि जवनों की क्षमता बढ़ाई जाए और मोर्चें में दूसरे सैनिकों को भेजकर युद्धक क्षमता को मजबूती प्रदान करना है। इसलिए उन्हें दो-तीन महीनों के भीतर वहां से हटा दिया जाता है औ दूसरे सैनिकों को वहां भेजा जाता है।

मैदानी इलाके में भेज रहे सैनिकों को

सेना के अधिकारियों की मानें तो रोटेशन की यह प्रक्रिया पूर्वी लद्दाख (LAC) में आरंभ कर दी गई है। इस मार्चें पर सैनिक पछिले 6 महीनों से पदस्थ है। जो सैनिक इन इलाको में पदस्थ थे, उन्हें मैदानी इलाको में भेजा जा रहा है। मैदानी इलाके में भेजे जा रहे सैनिकों को नए प्रशिक्षण भी प्रदान किए जाएंगे।

50 हजार से ज्यादा सैनिक तैनात

सेना के सूत्रों की मानें तो रोटेशन के जरिए सर्दियों तक भारत ने अपना तैनाती को और मजबूत कर दिया है। आने वाले दिनों पर भारत-चीन के बीच निर्धारित होगा, कि जवान पदस्थ रहेंगे या तनाव और बढ़ेगा। वर्तमान में भारत ने एलएसी (LAC) पर 50 हजार से ज्यादा सैनिकों को तैनात किया है। दोनों देशों में सैनिकों को पीछे हटाने को लेकर लगातार बातचीत हो रही है लेकिन कोई हल नहीं निकल रहा है।

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