Gold Price: सोने-चांदी की कीमतों में जारी है उछाल, अगर आज नहीं खरीदें तो?

Silver Price: नए साल की शुरुआत और बजट से पहले ही सोने-चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है. सोना और चांदी दोनों ही लगातार उछाल दिखा रहे हैं. भारत में सोने की कीमतें ऑल टाइम हाई के करीब पहुंच गईं. एमसीएक्स पर सोना वायदा उछलकर 56,175 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया, जो अगस्त 2020 के हाई 56,200 रुपये के करीब पहुंच गया. वहीं चांदी वायदा भी 0.4% उछलकर 69415 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई. अंतरराष्ट्रीय बाजारों में डॉलर में गिरावट के कारण सोना आठ महीने के उच्च स्तर 1,873.72 डॉलर पर पहुंच गया. सर्राफा को भी बढ़ावा मिला क्योंकि चीन जो कि दुनिया का सबसे बड़ा सोने का उपभोग करने वाला देश है, उसने अपनी सीमाओं को फिर से खोल दिया.

सोने की कीमत
विश्लेषकों का कहना है कि हाल के अमेरिकी आंकड़ों के बाद फेडरल रिजर्व के जरिए दरों में वृद्धि की गति में मंदी की उम्मीद के बाद कमजोर डॉलर की संभावना मुख्य कारक है. अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हाजिर चांदी 0.5 फीसदी बढ़कर 23.94 डॉलर प्रति औंस हो गई. ऐसे में अब सवाल है कि क्या तेजी में सोना और चांदी खरीदने चाहिए या नहीं? विशेषज्ञों के अनुसार 2023 की पहली छमाही में कीमती धातुओं में हलचल देखने को मिल सकती है, जिससे यह निवेशकों के लिए एक अच्छा अवसर बन गया है. इस बीच विशेषज्ञों को उम्मीद है कि सोना 2023 की दूसरी छमाही में मजबूत रिटर्न देगा.

चांदी के भाव
कामा ज्वेलरी के एमडी कॉलिन शाह ने कहा, ‘यूएस फेड और अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों के जरिए मई 2022 में दरों में बढ़ोतरी शुरू करने के बाद से सोने ने लाभ देना शुरू कर दिया है. शाह को उम्मीद है कि सोने की कीमतें साल 2023 के पहले हाफ में साइडवेज कारोबार करेंगी. त्योहारी मांग और वैश्विक केंद्रीय बैंकों के जरिए अपनी दर-कठोर नीति को रोकने से साल के दूसरे हाफ में सोने की मांग बढ़ेगी. उन्होंने कहा कि रेट हाइक सायकल में ठहराव से डॉलर में नरमी आएगी, जिससे सोना और चांदी खरीदना सस्ता हो जाएगा.

सोना और चांदी
शाह ने बताया कि चूंकि चीन सोने का सबसे बड़ा उपभोक्ता है इसलिए लॉकडाउन की स्थिति, फरवरी में चीनी नव वर्ष के दौरान मांग और अक्टूबर में गोल्डन वीक कीमतों को बढ़ाएंगे. वहीं शाह को चांदी की मांग भी मजबूत रहने की उम्मीद है क्योंकि यह एक औद्योगिक वस्तु है

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