Rapid test kit,

ब्रेकिंग: रैपिड टेस्ट किट पर रिपोर्ट बनाएगा एम्स

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने मांगी रिपोर्ट

रायपुर. कोरोना संक्रमण काल में रैपिड टेस्ट किट का परिणाम शत प्रतिशत नहीं आने पर किट पर सवाल खड़ा हो रहा है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) ने रैपिड टेस्ट किट (Rapid test kit) की सच्चाई का पता लगाने के लिए देश की निजी संस्थानों और एम्स से रैपिड टेस्ट किट की रिसर्च रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट आने के बाद रैपिड किट से जांच की उपयोगिता पर सख्त कदम उठाया जाएगा।  

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रैपिड किट पर विवाद

आइसीएमआर ने चाइनीज रैपिड किट (Rapid test kit) को से जांच पर कुछ दिन पहले ही रोक लगाया था। रैपिड किट से जांच ना कराने की वजह आईसीएमआर ने जांच परिणाम गलत आना बताया। छत्तीसगढ़ में केंद्र द्वारा भेजे गए कोरियर कंपनी से जांच की जा रही है, लेकिन इसकी जांच रिपोर्ट पर फाइलन मुहर आरटीपीसीआर लैब से लगती है।

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टीम ने की पद्धति इजात

रायपुर एम्स के डायरेक्टर डॉ नितिन एम नागरकर ने मीडियाकर्मियों को बताया, कि रैपिड टेस्ट किट (Rapid test kit) में सिर्फ सर्विलेंस के दौरान ही जांच किया जा सकता है। रैपिड किट के परिणाम को पूर्ण रूप से सही नहीं माना जा सकता है। रैपिड किट के परिणाम पर अंतिम मुहर आरटीपीसीआर लैब की लगती है।

आईसीएमआर रैपिड टेस्ट को लेकर आने वाले समय में जरूर नई गाइड लाइन जारी करेगा। हमारी टीम ने हाल में लैब में कई नई तकनीकी से जांच की पद्धति की इजात की हैद्ध आईसीएमआर से इस पद्धति को जल्द स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।

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