raipur will be fregrence

मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारा के फूलों से बनेगा इत्र, महकेगी राजधानी

रायपुर। एक तरफ  देश में एनआरसी और सीईए जैसे मुद्दों को लेकर विरोध चल
रहा है। दिल्ली में हुए दंगों में कईयों की जान भी चली गई, लेकिन रायपुर
संप्रदायिक एकता की मिसाल बन गया है। एक सप्ताह पहले बीती होली में
राजधानी वासियों नें मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारे में चढ़ाए गए फूलों से
बने गुलाल से होली खेली है। अब इन्हीं फूलोंं से आने वाले ईद त्योहार के
मद्देनजर इत्र के निर्माण करने की भी तैयारी की जा रही है।

रायपुर जिला पंचायत सीईओ डॉ. गौरव सिंह ने बताया कि फूलों से गुलाल बनाने
का काम विहान प्रोजेक्ट की महिला समूह की छह महिलाओं द्वारा किया गया था।
इन महिलाओं ने इस साल दो क्विंटल से ज्यादा गुलाल बेंचा है। जिला पंचायत
के अधिकारियों की देखरेख में फूलों से पर्यावरण एवं स्वास्थ्य अनुकूल रंग
और गुलाल बनाया गया था। उजाला ग्राम संगठन छेरीखेड़ी के मल्टी युटीलिटी
सेंटर में अब ये ६ महिलाएं इत्र बनाने की तैयारी कर रही है।

बनाएंगे खाद और निकलेंगे सेंट

प्रोजेक्ट इंचार्ज ने बताया कि इस योजना का लक्ष्य रायपुर के मंदिरों,
मस्जिदों और गुरुद्वारों में चढ़ाए गए फूलों का सदुपयोग कर महिलाओं को
स्वरोजगार का अवसर देना है। अब फूलों से अर्क निकालकर इत्र का निर्माण
किया जाएगा। ये इत्र मस्जिदों और दरगाहों के समाने स्टॉल लगाकर कम कीमत
में बेचा जाएगा। आजीविका एक्सप्रेस से फूलों को महिलाओं द्वारा इक_ा किया
जाता है।

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