RTE में गलत जानकारी देकर निजी स्कूलों ने विभाग का लाखों रुपए किया गबन, नोडलों को नोटिस जारी

रायपुर। शिक्षा के अधिकार (RTE) योजना की प्रवेश प्रक्रिया का गलत आंकड़ा देकर स्कूल शिक्षा विभाग से वर्षों से उगाही कर रहे स्कूल संचालकों पर मेहरबानी दिखाने वाले नोडलों को जिला शिक्षा अधिकारी ने नोटिस जारी किया है।

जिला शिक्षा अधिकारी ने मामलें में नोडलों से स्पष्टीकरण मांगा है। स्पष्टीकरण नहीं देने वाले नोडलों पर एक पक्षीय कार्रवाई करने की बात नोटिस में जिला शिक्षा अधिकारी ने लिखी है। नोटिस जारी होने के बाद स्कूल संचालक और स्कूल शिक्षा विभाग में पदस्थ नोडलों के बीच हडकंप मची हुई है। विभागीय कार्रवाई से बचा जा सके, इसलिए मामलें में एप्रोच लगाने का दौर शुरु हो चुका है।

इन स्कूलों ने की है गड़बड़ी

स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया, कि स्कूलों की स्थल निरीक्षण जांच जब स्कूल शिक्षा संचालक के निर्देश पर की गई, तो जिले के धरसीवा इलाके में संचालित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, कोटा इलाके में संचालित पं. कुंजलाल दुबे स्मृति ओम श्री विद्यालय और चंगोरा भाठा स्थित शिवोम विद्यापीठ की गड़बड़ी पकड़ में आई। इन स्कूलों के संचालक RTE योजना के तहत 2014-15 से गड़बड़ी कर रहे है। स्कूल संचालक अपने यहां निर्धारित शुल्क से ज्यादा पैसा विभाग से ले रहे है। स्कूलों ने आरटीई की प्रवेश प्रक्रिया में संख्या भी ज्यादा दर्ज कराई है। स्कूल संचालको की मनमानी पर नोडलों ने अंकुश क्यों नहीं लगाया? इस सवाल का जवाब नोटिस देकर विभागीय अधिकारियों ने नोडलों से पूछा है।

एफआईआर कराने का नियम

जिले के कानूनविदों के अनुसार गलत आंकड़ा देकर शासकीय पैसों का गबन करने वाले संचालको और बिना वेरीफिकेशन किए स्कूल संचालकों को पैसा देने वाले स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज होना चाहिए। संचालकों से 2014 से लेकर अब तक लिया हुआ पूरा पैसा रिकवर करना चाहिए और उनकी मान्यता रद्द करने की कार्रवाई करना चाहिए। स्कूल संचालक पैसा नहीं भरते तो उनके खिलाफ धारा 420 का केस दर्ज होना चाहिए।

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