Supreme Court of India, Historic decision of the Supreme Court,

निजी अल्पसंख्यक कॉलेजों में भी होगा NEET के जरिए दाखिला, SC का फैसला

नई दिल्ली. देश की सर्वोच्च अदालत ने आज एक फैसला (Supreme Court decision) सुनाते हुए साफ कर दिया है कि कि NEET के जरिए ही निजी अल्पसंख्यक कॉलेजों में भी दाखिला होगा। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा को लेकर निजी कॉलेजों द्वारा याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को यह फैसला सुनाया है।

इस फैसले के तहत अब MBBS, BDS, और पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स में भर्ती के लिए NEET निजी और गैर सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक व्यावसायिक कॉलेजों पर भी लागू होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि NEET से उनके संविधान से मिले अधिकारों का हनन नहीं होता। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में निजी गैर सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक कॉलेजों ने याचिका दायर कर कहा था कि धार्मिक स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार के खिलाफ है।

BIG NEWS: पंजाब में दो हफ्ते और बढ़ा कर्फ्यू.. लॉकडाउन में सुबह चार घंटे छूट

जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि बिना सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक संस्थानों में दाखिल के लिए NEET से उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं होता है। मेडिकल से जुड़े कोर्स में प्रवेश के लिए NEET यानी राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा अनिवार्य है।

सूरजपुर के बाद धमतरी और जशपुर में भी मिले coronavirus संदिग्ध..

2016 से पहले मेडिकल कोर्ट के लिए AIPMT यानि All India Pre Medical Test देना होता था, जिसके माध्यम से मेडिकल के छात्रों को एमबीबीएस, बीडीएस, एमस जैसे पाठ्यक्रम में प्रवेश मिलता था। 2016 के बाद राष्ट्रीय स्तर पर सिर्फ एक परीक्षा का आयोजन होने लगा है। इसके जरिए ही सभी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिलता है।

अभी अभी धरती के करीब से गुजरा एस्टेरॉयड, वैज्ञानिकों ने दबा ली दांतों में उंगलियां

NEET का निजी अल्पसंख्यक मेडिकल कॉलेज विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि संविधान की धारा 30 में अल्पसंख्यकों को ये अधिकार दिए गए है कि वे अपनी शिक्षण संस्थान स्थापित कर सकते हैं और संविधान की धारा 30 के पारा 50 में यह स्पष्ट रूप से प्रदत्त है कि अल्पसंख्यक संस्थान अपनी पसंद से छात्रों का प्रवेश लेने के लिए स्वतंत्र हैं।

Leave a Comment

Your email address will not be published.

*