PM Kisan: 13वीं क‍िस्‍त से पहले आई ये बड़ी जानकारी, केंद्रीय मंत्री ने राज्यसभा में कही ये बात, जानिए अभी

PM Kisan Latest News: अगर आप भी पीएम क‍िसान सम्‍मान न‍िध‍ि (PM Kisan Samman Nidhi) की 13वीं क‍िस्‍त का इंतजार कर रहे हैं तो यह खबर आपके काम की है. केंद्रीय कृष‍ि मंत्री नरेंद्र स‍िंह तोमर की तरफ से प‍िछले द‍िनों राज्‍यसभा में सरकार की इस योजना से जुड़ी बड़ी और अहम जानकारी दी गई है. कृष‍ि मंत्री ने बताया क‍ि पीएम क‍िसान की अगस्‍त से नवंबर की व‍ितर‍ित की गई 12वीं क‍िस्‍त में लाभार्थ‍ियों की संख्‍या बढ़कर 8.42 करोड़ हो गई है. इन लाभार्थ‍ियों के खाते में सरकार ने सीधे पैसा ट्रांसफर क‍िया है. एक सवाल के जवाब में कृष‍ि मंत्री ने संसद में यह जानकारी दी.

2-2 हजार रुपये की तीन क‍िस्‍त देने का प्रावधान
आपको बता दें सरकार की इस योजना के तहत पात्र क‍िसानों को सालाना आधार पर 6000 रुपये द‍िये जाते हैं. योजना के तहत साल में तीन बार पात्र क‍िसानों को 2-2 हजार रुपये देने का प्रावधान है. फरवरी 2019 में शुरू हुई इस योजना को दिसंबर 2018 से प्रभावी बनाया गया था. एक सवाल के ल‍िख‍ित जवाब में कृष‍ि मंत्री ने उच्‍च सदन को बताया क‍ि अप्रैल-जुलाई 2022 के दौरान लाभार्थियों की संख्या 10.45 करोड़ के उच्चतम आंकड़े पर पहुंच गई. उस समय लाभार्थी क‍िसानों को योजना की 11वीं किस्त का भुगतान किया गया था.

पहली क‍िस्‍त के समय 3.16 करोड़ लाभार्थी
तोमर ने बताया क‍ि पीएम क‍िसान न‍िध‍ि योजना के तहत पहली क‍िस्‍त के समय लाभार्थियों की संख्या 3.16 करोड़ थी. वहीं, 12वीं क‍िस्‍त के समय यह संख्‍या 8.42 करोड़ पर पहुंच गई. दूसरी क‍िस्‍त में लाभार्थी क‍िसानों की संख्‍या 6 करोड़ थी. तीसरी अवध‍ि में यह बढ़कर 7.66 करोड़ हो गई. आठवीं क‍िस्‍त के समय यह संख्‍या बढ़कर 9.97 करोड़, नौवीं में 10.34 करोड़ और 11वीं में 10.45 करोड़ हो गई.

क‍िसानों को 13वीं क‍िस्‍त का इंतजार
अब देशभर के क‍िसान पीएम‍ क‍िसान सम्‍मान न‍िध‍ि की 13वीं क‍िस्‍त का इंतजार कर रहे हैं. सूत्रों का कहना है क‍ि सरकार 13वीं क‍िस्‍त के रूप में 2000 रुपये क‍िसानों के खाते में जनवरी में ट्रांसफर कर सकती है. सरकार की तरफ से क‍िसानों की आर्थ‍िक स्‍थ‍ित‍ि बेहतर करने के मकसद से इस योजना को शुरू क‍िया गया था. यह सरकार की सबसे महत्‍वाकांक्षी योजना है.

Leave a Comment

Your email address will not be published.

*