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#ShaheedDiwas: भारत की आजादी के लिए चुनी थी मौत, पाकिस्तान ने भी माना शहीद

दिल्ली. #ShaheedDiwas: “ लिख रहा हूँ मैं अंजाम जिसका कल आगाज आएगा,मेरे लहू का एक एक कतरा इंकलाब लाएगा। मैं रहूं या ना रहूं पर ये वादा रहा तुमसे, मेरे बाद वतन पे मरने वालों का सैलाब आएगा।”

इन लाइनों को बोलने वाले देशभक्त आजादी के ऐसे दीवाने थे, जिन्होंने भारत को आजादी दिलाने के लिए 23 मार्च 1931 की रात को अपने साथियों के साथ फांसी का फंदा चूमा और देश के लिए शहीद ( Shaheed ) हो गए। ऐसे थे हमारे वीर शहीद भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव। पाकिस्तान ने भी इन देशभक्तों को शहीद माना और लाहौर के शादमान चौक का नमा बदलकर शहीद भगत सिंह चौक कर दिया। पाकिस्तान की इस पहल के पीदे शहीद सिंह मेमोरियाल फाउंडेशन के चेयरमैन इम्तियाज राशिद कुरैशी की पहल पर हुआ।

24 मार्च 1931 को तय थी फांसी

शहीद ( Shaheed) भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव की फांसी अंग्रेजो ने 24 मार्च 1931 मुकरर की थी। अंग्रेज सरकार को डर था, कि भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव को फांसी देने से पहले क्रांतिकारी इकट्ठा होकर विद्रोह कर सकते है, इसलिए 23 मार्च 1931 की रात को तीनों को फांसी दे दी गई। अपने अंतिम समय में भगतसिंह, राजगुरू और सुखदेव ने एक दूसरे को गले से लगाया और फिर देशहित में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

असेंबली में फेका था बम

भारत के लिए हर समय शहीद ( Shaheed ) वाले भगत सिंह और उनके साथियों ने 8 अप्रैल 1929 को भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने असेंबली में बम फेके थे। अंग्रेज सरकार ने भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को सेंट्रल असेंबली में बम फेकने का दोषी ठहराया था। भगत सिंह असेंबली में बम फेंककर किसी को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते थे। अंग्रेज सरकार के समाने विरोध प्रदर्शन करने के लिए यह निर्णय लिया था।

एएसपी सांण्डर्स से लिया था लाला जी की मौत का बदला

1928 में साइमन कमीशन का विरोध करने पहुंचे लाला लाजपत राय पर अंग्रेज सरकार के अफसरों ने जमकर लाठियां बरसाई थी। इस घटना में लाल लाजपत राय की मौत हो गई थी। घटना से आहत होकर भगत सिंह ने बदला लेने का फैसला लिया। 17 दिसंबर 1928 को लाला लाजपत राय पर लाठियां बरसाने वाले एएसपी सांण्डर्स अपने कार्यालय से बाहर निकले तो भगत सिंह ने उसे गोली मारी और लाला जी की मौत का बदला दिया। लाला लाजपत राय को क्रांतिकारियों ने शहीद ( Shaheed ) को दर्जा दिया था।

पंजाबी, हिंदी और अंग्रेजी जानते थे भगत सिंह

शहीद ( Shaheed ) भगत सिंह की जन्म 28 सितंबर 1907 को पंजाब प्रांत के लायलपुर जिले में हुआ था। भगत सिंह ने अपनी पढ़ाई लाहौर के डीएवी हाई स्कूल में की। पंजाबी के अलावा हिंदी और अंग्रेजी भाषा में भगत सिंह की अच्छी पकड़ थी। कॉलेज के दिनों में भगत सिंह ने इंडियन नेशनल यूथ आर्गेनाइजेशन का गठन किया था। भगत सिंह ने एक क्रांतिकारी लेखक का रोल भी अदा किया। ankara escort çankaya escort ankara escort çankaya escort escort ankara çankaya escort escort bayan çankaya istanbul rus escort eryaman escort escort bayan ankara ankara escort kızılay escort istanbul escort ankara escort ankara rus escort escort çankaya ankara escort bayan istanbul rus Escort atasehir Escort beylikduzu Escort Ankara Escort malatya Escort kuşadası Escort gaziantep Escort izmir Escort

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