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छत्तीसगढ में भींगने से खराब नहीं होगा धान

सभी धान उपार्जन केन्द्रों में बनेंगे पक्के चबूतरे और शेड

रायपुर. Paddy will not spoil in Chhattisgarh हर साल प्रदेश में बारिश के दिनों धान भीगने से करोड़ों का नुकसान सरकार को हो रहा था। अब नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने सभी धान उपार्जन केंद्रों में शेड और पक्के चबूतरे बनाने का निर्देश दिया है। कृषि और सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में सीएम ने यह निर्देश दिए।

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बतादें कि प्रदेश के धान उपार्जन केन्द्रों (Paddy will not spoil in Chhattisgarh) में समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने वाले धान को बारिश से भीग रहे थे। उसे बचाने के लिए अभियान चलाकर पक्के चबूतरे और शेडों के निर्माण किए जाएंगे हैं।

मनरेगा के तहत होगा निर्माण

मुख्यमंत्री ने चबूतरों कें निर्माण का कार्य मनरेगा के तहत करने को कहा है। इसके अलावा मंडी बोर्ड से शेडों का (Paddy will not spoil in Chhattisgarh) निर्माण किया जाए। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद मुख्य सचिव आरपी मंडल ने अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। जिसके तहत धान उपार्जन केंद्रों में जल्द ही पक्के चबूतरे और शेड निर्माण की प्रकिया शुरू हो जाएगी।

मनरेगा से मजबूत हुई अर्थ व्यवस्था

  • देशव्यापी लॉक-डाउन के बावजूद प्रदेश में ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत है।
  • अप्रैल महीने में ही कुल 548 करोड़ 41 लाख रूपए का मजदूरी भुगतान किया गया है।
  • सामग्री मद में भुगतान के लिए भी 210 करोड़ रूपए जारी किए गए हैं।
  • 50 दिनों के अतिरिक्त रोजगार के लिए 76 करोड़ 94 लाख रूपए भी शीघ्र जारी किए जाएंगे।
  • 1 अप्रैल को प्रदेश में मनरेगा श्रमिकों (Paddy will not spoil in Chhattisgarh) की संख्या केवल 57 हजार 536 थी।
  • महीने के आखिर में 30 अप्रैल को यह संख्या 19 लाख 85 हजार 166 जा पहुंची।
  • मनरेगा जॉबकॉर्डधारी 10 लाख 24 हजार परिवारों को एक करोड़ 23 लाख से अधिक रोजगार उपलब्ध कराया गया।
  • अप्रैल माह में काम करने वालों को 200 करोड़ रूपए से अधिक का मजदूरी भुगतान किया गया है।

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