Order of supreme court,

लॉकडाउन की अवधि में कर्मचारियों को दे पूरा वेतन: सुको

उद्योगों पर दंडात्मक कार्रवाई ना करने का निर्देश

दिल्ली. लॉकडाउन के दरमियान कर्मचारियों को पूरा वेतन देने का निर्देश सुप्रीम कोर्ट (Order of supreme court) ने सुनाया है। कोर्ट ने कहा उद्योग और मजदूर एक दूसरे पर आधारित है। इस वजह से किसी भी उद्योग पर दंडात्मक कार्रवाई ना की जाए। कोर्ट ने कहा है कि 54 दिन की अवधि के वेतन पर सहमति ना बने तो श्रम विभाग की मदद ले।

सुप्रीम कोर्ट (Order of supreme court) ने इस मामलें में केंद्र सरकार को हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा है। मामलें में अगली सुनवाई जुलाई माह में होगी। आपको बता दे कि उद्योगों ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के 29 मार्च के आदेश को कोर्ट में चुनौती दी थी। इसी की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया है।

यह भी पढ़े: भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण से 396 लोगों की मौत

सरकार की दलील से उद्योगपति नहीं थे खुश

उद्योगों ने 29 मार्च से 17 मई के बीच के 54 दिनों का पूरा वेतन देने में असमर्थता जताई। उद्योगपतियों की दलील थी, कि सरकार को उद्योगों की मदद करना चाहिए। गौरतलब है कि इससे पहले की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने भी सवाल किया था, कि उद्योगों में उत्पादन नहीं हो रहा थ, तो क्या सरकार उस अवधि का वेतन देने में उद्योगों की मदद करेगी।

यह भी पढ़े: ब्रेकिंग: 3 हाथियों की मौत के बाद सख्त हुए वनमंत्री, रिटायर्ड PCCF को दी जांच कराने की जिम्मेदारी

सरकार के अधिकारी पर सवाल

जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली 3 जजों (Order of supreme court) की बेंच ने सरकार के अधिकार पर भी सवाल उठाए. कोर्ट का कहना था कि इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट एक्ट के तहत उद्योगों को श्रमिकों को 50 फीसी वेतन देने के लिए कहा जा सकता है। सरकार ने 100 फीसदी वेतन देने का आदेश दिया है। सरकार की तरफ से एटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा था, कि सरकार के आदेश के पीछे नियत मजदूरों का हित था।

मजूदर और उद्योगपति आपस में समझौता कर लेते है, तो सरकार को इस पर कोई आपत्ति नहीं है। सुनवाई के दौरान उद्योगों के वकीलों ने कई दलीलें दीं है।  उनका कहना था कि एम्पलाई स्टेट इंश्योरेंस यानी कर्मचारी राज्य बीमा के खाते में 80 से 90 हजार करोड़ रुपए हैं। सरकार चाहे ता 30 हजार करोड़ रुपए खर्च करके पूरे देश के कर्मचारियों को इस अवधि में वेतन दे सकती है।  

देश-प्रदेश की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*