Locusts arrived in Korea,

अब छत्तीसगढ़ में टिड्डी दल का आंतक, कुछ घंटों में फसल कर देती है सफाचट

भिलाई . मध्यप्रदेश के बाद अब टिड्डी गैंग का (Tiddi in cg) धावा छत्तीसगढ़ के किसानों को परेशान करने आ रहा है। इसको लेकर प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। ये टिड्डी दल फसलों को चट करने में माहिर होती हैं, जिससे किसानों की फसल तबाह हो जाती है। लाखों की तादाद में टिड्डी दल फसलों पर चिपक जाते हैं, जिसे भगाने के लिए किसानों को भारी शोर, डीजे, पटाखें और तेज आवाज के इंतजाम करने होते हैं। टिड्डी दल (Tiddi in cg) शाम को 6-9 बजे तक रोजाना खेतों में उत्पात मचाते हैं। इनकी गति 80-150 किलोमीटर प्रतिदिन होती है।

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टिड्डी दल करोड़ों की संख्या में

दुर्ग जिला प्रशासन के साथ कृषि विभाग ने इसके लिए दवाइयों के छिडक़ाव करने का इंतजाम किया है। (Tiddi in cg) कीटनाषक मैलाथियोन, फेनवलरेट, क्विनालफोस के उपयोग की सलाह दी गई है। आपको बता दें कि टिड्डी चमकीले पीले रंग की होती है। यह हमेशा झुड में ही रहती है। बिना तेज शोर और दवाइयों के इन्हें खेत से जुदा करना मुश्किल होता है। टिड्डी दल करोड़ों की संख्या में होती है और फसलों को भारी नुकसान पहुंचाती हैं। टिड्डिया खरीफ, रबी फसल एवं फलदार वृक्षों के फूल, फल, पत्ते, बीज, पेड़ की छाल और अंकुर सब कुछ खा जाती है।

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