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बिहार के इस जिले में शराब से 200 से ज्यादा मौत, चिराग पासवान का दावा

बिहार में जहरीली शराब से मौतें होने का मामला गरमा गया है. लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सुप्रीमो और सांसद चिराग पासवान ने एक बार फिर सीधे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा. चिराग ने कहा- 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. सच को दबाया जा रहा है. बिना पोस्टमॉर्टम के ही अंतिम संस्कार कर दिया गया. परिवार पर दबाव बनाते हुए कहा जा रहा है कि यह मत कहो कि शराब से मौत हुई है, नहीं तो उन्हें जेल भेज दिया जाएगा. सीएम की चुप्पी भ्रष्ट अधिकारियों का बचाव कर रही है.

बता दें कि बिहार के छपरा जिले में जहरीली शराब के चलते हुई मौतों का आंकड़ा अब 70 हो गया है. छपरा के अलावा सारण, सिवान और बेगूसराय में भी शराब के चलते मौतें हुई हैं. इधर, बिहार विधानसभा में सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि शराब से मौत होने पर किसी को भी मुआवजा नहीं दिया जाएगा. नीतीश ने एक बार फिर कहा कि शराब पियोगे तो मरोगे. उन्होंने कहा कि हम राष्ट्रपिता बापू के दिखाए रास्ते पर चल रहे हैं. दूसरे राज्यों में जहरीली शराब पीने से मौत हो रही हैं. बीजेपी ने शराबबंदी का समर्थन किया था.

नीतीश कुमार के इस बयान पर विपक्ष लगातार हमलावर है. चिराग पासवान ने कहा- सीएम की टिप्पणी बेहद असंवेदनशील है. सीएम ने ‘जो पिएगा वो मरेगा’ कहकर लोगों के प्रति अशोभनीय टिप्पणी की है. चिराग ने सवाल किए-

  1. शराब कांड में लोग मरे नहीं हैं बल्कि उनकी हत्या हुई है.
  2. नीतीश के खिलाफ एफआईआर दर्ज होना चाहिए.
  3. जो पीएगा, वो मारेगा वाला बयान नीतीश का अहंकार दर्शाता है.
  4. मैं बिहार में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग करता हूं.

‘मुख्यमंत्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए, वह हत्याओं के दोषी हैं’

चिराग पासवान ने छपरा में मौतें होने के मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है. चिराग ने कहा कि वह नहीं मानते हैं कि जहरीली शराब कांड में जान गंवाने वाले लोगों की मौत हुई है बल्कि यह हत्या का मामला है. उन्होंने इसके लिए बिहार के मुख्यमंत्री को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा- नीतीश कुमार के खिलाफ प्राथमिकी क्यों नहीं दर्ज की जानी चाहिए? मैं उन पर कोई कानून के उल्लंघन का नहीं, बल्कि छपरा में हुई हत्याओं का दोषी होने का आरोप लगा रहा हूं.

उन्होंने कहा- जहरीली शराब की घटना में कई मौतों के बावजूद नीतीश कुमार का बयान अहंकार को उजागर करता है. चिराग पासवान ने पूछा- मुझे विश्वास है कि किसी भी राज्य का कोई भी मुख्यमंत्री राज्य के लोगों के लिए इस तरह की असंवेदनशील और शर्मनाक टिप्पणी नहीं करेगा. यह नीतीश कुमार का अहंकार है जो इस मामले में दिखाई दे रहा है. अगर बिहार में शराबबंदी कानून को ठीक से लागू नहीं किया जा रहा है तो इसके लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाए? क्या नीतीश कुमार को इसके लिए जिम्मेदार नहीं होना चाहिए?

उन्होंने आगे कहा कि वह उन लोगों के परिवार के सदस्यों से मिलेंगे जिन्होंने जहरीली शराब त्रासदी में अपनी जान गंवाई है और फिर राज्यपाल से मिलेंगे और राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग करेंगे.

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