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मोबाइल पर मैसेज आया, बच्चे को अच्छे से पढ़ाना है तो तुरंत खरीदो 5 हजार की किताबें

रायपुर . लॉकडाउन की मियाद 17 मई तक बढ़ाने के साथ ही निजी स्कूल Private school संचालकों ने अपनी गणित लगाना शुरू कर दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल ने बताया कि एक स्कूल ने अपने शिक्षकों के बच्चों को फीस में दी जाने वाली रियायत को खत्म कर दिया है। यह सेक्टर-10 का एक नामी स्कूल है, जिसमें पहले भी इस तरह की मनमानी सामने आई थी, जिसके बाद खुद प्रशासन को दखल देकर मामला शांत कराना पड़ा था।

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इसी तरह अमलेश्वर के एक एथेना स्कूल को जिला शिक्षा विभाग ने नोटिस भेजा है। इस स्कूल ने लॉकडाउन में पालकों को मोबाइल पर एक मैसेज भेजा। इस मैसेज में लिखा था, पालक इस दिन स्कूल गेट पर आकर 5000 रुपए चुकाएं और बच्चों की किताब लेकर जाएं। यह एक सीबीएसई स्कूल है, इसलिए यहां एनसीईआरटीई की ही किताबें दी जानी चाहिए थी, लेकिन Private school स्कूल संचालक ने मनमानी करते हुए पालकों पर निजी पब्लिकेशन की बुक्स खरीदने के लिए दबाव बनाया।

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जारी किया शोकॉज नोटिस

इस मामले की शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल को की। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीईओ ने स्कूल को शोकॉज नोटिस जारी करते हुए दस दिनों के भीतर जवाब मांगा है। दखल के बाद स्कूल संचालक ने तुरंत ही पालकों को दोबारा से मैसेज भेजकर कहा कि बुक वितरित करने की प्रक्रिया अभी टाल दी गई है। इस मैसेज में स्कूल ने डीईओ से मिली फटकार का हवाला दिया है। स्कूल को नोटिस में कहा गया है कि कोविड वायरस की वजह से स्कूल बंद है, ऐसे में पालकों को बुला उनको किताबें वितरित करने का मैसेज कैसे किया?

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