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ब्रेकिंग: MCA का कोर्स होगा अब 2 साल में पूरा

एआईसीटीई ने किया 28 साल बाद बदलाव

रायपुर. ग्रेजुएशन के बाद एमसीए (MCA) करने की सोच रहे छात्रों के लिए बड़ी खबर है। इस सत्र से एमसीए कोर्स तीन साल का नहीं, बल्कि दो साल का होगा। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने एमसीए की अवधि में बदलाव कर दिया है। एआईसीटीई ने 28 साल बाद यह परिवर्तन किया है। परिषद ने 1995 में इस कोर्स को लॉन्च किया था, जिसमें कभी बदलाव नहीं हुए। कोर्स में बदलाव के बाद छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विवि को भी तीन साल के सिलेबस को अब दो करेगा। इस साल एमसीएम में नए नियम से प्रवेश दिए जाएंगे।

इस साल से लेटरल एंट्री पर विराम

हालांकि एमसीए कोर्स (MCA) की अवधि दो साल करने के साथ ही इसमें दी जाने वाली लेटरल एंट्री भी खत्म कर दी गई है। बीते साल में इसमें प्रवेश दिए गए थे, लेकिन नए सत्र में होने वाले दाखिले में लेटरल एंट्री नहीं होगी। फिलहाल डीटीई ने यह साफ नहीं किया है कि आखिर कोरोना संक्रमण के बीच कांउंसलिंग कराई जाएगी या फिर सीधे मेरिट के आधार पर प्रवेश दिए जाएंगे। प्रदेश में संतोष रूंगटा इंजीनियरिंग कॉलेज एमसीए (MCA) में सबसे पुराना है। साथ ही सबसे अधिक सीटें भी यहीं पर हैं। इसके साथ करीब 9 इंजीनियरिंग कॉलेजों में एमसीए का कोर्स चलाया जाता है।

इसलिए हुआ बदलाव

अमूनन देशभर में तमाम पीजी कोर्स दो साल के ही चलते हैं, यहां तक की एमबीए और एमटेक भी दो साल का ही है। इसी तरह एमसीए इकलौता पीजी कोर्स था, जिसकी समय अवधि तीन साल की रखी गई थी। बीसीए और बीएससी कंप्यूटर की पढ़ाई करने के बाद विद्यार्थियों को इसमें प्रवेश दिया जाता था। पूर्व में जो छात्र बीसीए कर एमसीए में प्रवेश लेते थे, उनको भी एक साल अतिरिक्त लग रहा था।

छात्रों को मिलेगा फायदा: रूंग्टा

संतोष रूंगटा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के डायरेक्टर सोनल रूंगटा ने बताया कि आईसीटीई की हैंडबुक में यह निर्देश आया हैं। एमसीए कोर्स दो साल का कर दिया गया है। इसमें 3 दशक बाद बदलाव हुए है। सभी कोर्स दो साल के ही है, जबकि यही कोर्स पहले तक तीन साल का चलाया जा रहा था। विद्यार्थियों को इसमें फायदा मिलेगा। वहीं कोर्स कम किया जाएगा, जो पूर्व में बीसीए में छात्र पढ़ चुके हैं। छात्रों को किसी भी तरह का लॉस नहीं होगा।

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