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बंद पड़े सिनेमा हॉल को बना दीजिए बच्चों का हाईटेक क्लासरूम : रघुरामन

सरकार को मिला अनोखा सुझाव

रायपुर . कोरोना के इस दौर में शहरी स्कूली बच्चों की पढ़ाई टेक्नोलॉजी के बूते जारी है, लेकिन खराब इंटरनेट स्पीड व गितनी के स्मार्टफोन होने से ग्रामीण बच्चे पिछड़ रहे हैं। इस दिक्कत को दूर करने के लिए ‘सिंगल स्क्रिन थिएटर क्लास’ सबसे बेहतरीन उपाए हो सकता है। बच्चे दो गज की दूरी पर बैठकर सिनेमाघर में 70 एमएम की स्क्रीन पर पढ़ाई करेंगे। यहां शिक्षकों का रिकॉर्ड किया हुआ लेक्चर दिखाया जा सकता है। सरकार के लिए यह सुझाव मैनेजमेंट गुरु, मोटिवेटर, लेखक एन. रघुरामन (N. Raghuraman) ने दिया। वें मंगलवार को संतोष रूंगटा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के लीडरशिप टॉक सीरीज में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे।

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रघुरामन (M. Raghuraman) ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी ऐसी बहुत सी सिंगल स्क्रीन थिएटर होंगे, जो बंद पड़े हैं। ग्रामीण बच्चों को हाईटेक पढ़ाई कराने के लिए इनका उपयोग हो सकता है। इससे न तो बच्चों को महंगे स्मार्टफोन खरीदने के लिए जूझना होगा और न ही इंटरनेट से तालुक रखेंगे। राज्य और केंद्र सरकार चाहें तो हजारों ऐसे थिएटर बच्चों का क्लासरूम बन जाएंगे। ऑनलाइन हुए इस लीडरशिप टॉक में छत्तीसगढ़ के हजारों स्टूडेंट्स ने भागीदारी दी। मैनेजमेंट गुरु को सामने पाकर उन्होंने अपना सवाल भी पूछा। इस वेबीनार को रूंगटा समूह के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. जवाहर सूरीशेट्टी ने होस्ट किया।

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डर नहीं, कॉन्फीडेंस बढ़ाएं

उन्होंने आगे कहा कि आज हर किसी को मालूम है कि कोरोना क्या है। लोगों में डर का माहौल है, लेकिन डर नहीं कॉन्फीडेंस चाहिए। चार महीने में हमें ये बात समझ आ चुकी है कि अब कोरोना के साथ ही जीना होगा। जैसे थोड़ा समय घर पर बैठक के बाद घर का मुखिया वापस अपने काम पर लौट चुका है, वैसे ही स्टूडेंट्स को अपनी पढ़ाई की ओर बढऩा होगा। सुरक्षा का इंतजाम पुख्ता रखते हुए स्कूल, कॉलेज का रुख करना होगा। हम दुनिया को घर में कैद करके नहीं रख सकते हैं। सरकार ने जैसे लोगों को कोरोना के लिए अवेयर किया है, वैसे ही अब उनमें इससे जीतने का कॉन्फीडेंस लेवल बढ़ाना पड़ेगा।

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सवाल पूछने की आदत डालो

स्टूडेंट्स को मोटिवेट करते हुए रघुरामन ने कहा, आने वाले समय में आगे वही बढ़ेगा, जो अपनी बात को बेहतर तरीके से रख पाएगा। यानी उनको कम्युनिकेशन स्किल में मास्टरी करनी पड़ेगी। इसके लिए जरूरी है सवाल पूछना। क्लासरूम हो या फिर निजी जिंदगी जिज्ञासा हो तो सवाल जरूर पूछिए। अमरीका और दूसरी कंट्री में पढ़ाते कम है, लेकिन सवाल खोजने की क्षमता बढ़ाई जाती है। इससे वे एक तरह से रिचर्स को बढ़ावा दे देते हैं।

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नए अवतार लॉन्च होगी नौकरियां

इस वेबीनार के दौरान एक छात्र ने सवाल पूछा कि अगले 6 महीने में जॉब मार्केट का क्या होगा? इस पर रघुरामन ने जवाब दिया कि नौकरियां नए अवतार में लॉन्च होगी। 80 फीसदी जॉब मार्केट टेक्नोलॉजी से चलेगा। नई तरह की कंप्यूटर क्रांति शुरू होगी। इस तरह की नौकरी पाने के लिए उम्मीदवारों का अप-टू-डेट होना बेहद जरूर होगा। अभी कोरोना की वजह से बड़े शहरों में भले ही बिजनेस कम हुआ हो, लेकिन काबिल लोगों की हाइरिंग कम नहीं हुई है। एक बड़ी आईटी कंपनी ने कोरोना के इस दौर में भी 40 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती की घोषणा कर दी है।

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हर बुरी स्थिति से निकल सकते हैं आप

मोटिवेटर रघुरामन (N. Raghuraman) ने कहा कि यदि इंसान चाह ले तो बुरी से बुरी स्थिति से निपटकर उससे बाहर निकल सकता है।थोड़े समय के लिए यह मुश्किलें आपको भारी लग सकती हैं, लेकिन जब इन्हें पार कर लेंगे तो खुद पर भरोसा और बढ़ जाएगा। सुसाइड करने वाले दुनिया के सबसे कमजोर लोग होते हैं। अगर आपको इंसान का रूप मिला है तो उसको सेलेब्रेट करना चाहिए। अगर आप सुसाइड करते है तो आपने बड़ा बुजदिल कोई नहीं है।

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