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कोरोना ने जिन परिवारों से मुखिया छीन लिया उन्हें स्वावलम्बी बनाने मदद करेगा जैन संवेदना ट्रस्ट

हर वार्ड में बनेगी 4 सदस्यों की टीम

रायपुर. वैश्विक महामारी कोरोना ने जिन परिवारों से उनका भरण-पोषण करने वाले मुखिया को छीन लिया, उनकी मदद करने का बेडा जैन संवेदना ट्रस्ट (JAIN SAMVEDNA TRUST) ने उठाया था।

भगवान महावीर जन्मकल्याण के अवसर पर कोरोना की इस दूसरी लहर ने कई परिवारों से उनका सहारा ही छीन लिया, अनेक युवावस्था में ही अकाल ही काल की गाल में समा गए। इनमें से कई ऐसे परिवार जिनसे इस महामारी ने उनका एकमात्र सहारा ही छीन लिया। कोरोना काल में बहुत से परिवार के सामने आजीविका संकट उत्पन्न हो गया है। ऐसे लोगों की मदद करने के लिए जैन संवेदना ट्रस्ट ने इसी दिशा में अपनी सहायता योजना बनाई है।

समिति का शीघ्र होगा गठन

जैन संवेदना ट्रस्ट (JAIN SAMVEDNA TRUST) के जिम्मेदारों की मानें तो लोगों की मदद करने के लिए ट्रस्ट की सात सदस्यीय एक प्रमुख समिति का गठन भी किया जा चुका है। महेन्द्र कोचर, विजय चोपड़ा, कमल भंसाली ,मोती जैन ,चन्द्रेश शाह ,प्रवीण जैन, निर्मल गोलछा और महावीर कोचर सदस्य है। इन युवा सेवाभावियों की यह मेन कमेटी अभी हाल में एक केंद्रीय सहायता समिति के गठन में जुटी हुई है।

जिसमें विधि एवं वित्त सलाहकार-सीए, कानून के जानकारों अधिवक्ता, व्यापार विशेषज्ञ, पारिवारिक-सामाजिक, बैंक-बीमा आदि मामलों के विशेषज्ञों-समन्वयकों और बुद्धिजीवियों को शामिल किया जा रहा है। ट्रस्ट के प्रमुख महेन्द्र कोचर व विजय चोपड़ा ने बताया कि यह केंद्रीय समिति समाज के ऐसे संकटग्रस्त जैन परिवारों की सहायता करेगी। उन परिवारों में जो भी बड़ा सदस्य चाहे वह महिला हो या पुरुष, उसे भावी जीविकोपाजज़्न के लिए अनुकूल विकल्प सुझाकर उसी दिशा में बढऩे सहायता पहुंचाई जाएगी।

इन कार्यों के लिए दी जाएगी मदद

इन संकटग्रस्त परिवारों के मुखिया के नाम यदि बीमा है या नहीं है, और यदि है तो उस राशि को कंपनी से कैसे दिलाया जाए? उस राशि का कैसा उपयोग हो ताकि परिवार की उम्र भर जीविका चले? यदि बैंक खाते में फिक्स डिपाजिट है या अन्य किसी खाते में कुछ राशि जमा है तो उसके आहरण के लिए आवश्यक कागजात कैसे जुटाने हैं? और यदि उस परिवार में कुछ भी सम्पत्ति या राशि अब शेष नहीं है तो उस परिवार को कैसे भरण-पोषण के संसाधन जुटाने समक्ष बनाया जाए?

कौन सा व्यवसाय उनके अनुकूल है ? जिसमें उन्हें प्रशिक्षित किया जाए, यदि उस परिवार को मुखिया कोई पैतृक या पुराने व्यवसाय का संचालन कर रहा था, तो उस व्यवसाय का पुर्नसंचालन किस तरह किया जाए? यदि परिवार का मुखिया किसी शासकीय या अर्धशासकीय सेवा में था तो उसके उत्तराधिकारी सदस्य को अनुकम्पा नियुक्ति किसी विधि दिलाई जाए? आदि इस तरह की अनेक समस्याओं का समाधान विभिन्न क्षेत्रों के एक्सपट्र्स की मेन कमेटी द्वारा किया जाएगा।

बनाई जाएंगी युवाओं की चार सदस्यीय टीमें

जैन संवेदना ट्रस्ट (JAIN SAMVEDNA TRUST) की तात्कालिक सात सदस्यीय प्रमुख समिति के महेन्द्र कोचर, कमल भंसाली ने बताया कि इस महत्वपूर्ण सेवा कार्य को अंजाम देने पहले चरण में राजधानी रायपुर के सभी 70 वार्डों में चार सदस्सीय युवाओं की टीम बनाई जाएगी। युवाओं की ये टीमें ऐसे मुखियाविहीन संकटग्रस्त परिवारों को चिन्हित करेंगी व उनकी समस्याओं की जानकारी एकत्र करके ट्रस्ट के सदस्यों को सूचना देगी।

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