International Labor Day: लॉकडाउन से जूझ रहे मजदूरों को एक साल तक 7 हजार रुपए की मिले मदद

राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस के अध्यक्ष ने पीएम को लिख पत्र

रायपुर. International Labor Day इंटक ने श्रमिकों की समस्याओं पर ध्यान आकर्षण करने के लिए सात बिंदुओं पर मांग पीएम को भेजी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अशोक चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। राष्ट्रीय प्रवक्ता आशीष देव सोनी ने बताया कि राष्ट्रय अध्यक्ष ने अपने लिखे पत्र में पीएम से कहा है कि (International Labor Day) लॉकडाउन में देश भर के मजदूर जूझ रहे हैं।

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कोरोना के संक्रमण काल में आज सबसे विकट स्थिति में मजदूर फंसे हुए हैं। मजदूर अपने और अपने (International Labor Day) परिवारजनों के साथ जीवन और जीवनयापन की जद्दोजहद में शासन के आश्रय स्थलों और सडकों पर है। ऐसी विकट परिस्थिति में राष्टीय मजदूर कांग्रेस इंटक भारत सरकार से निम्र मुद्दों पर ध्यानाकर्षण के साथ कानून की मांग करती है

ये मांगे

  • प्रत्येक श्रमिक को कोरोना भत्ता 7000/- ( सात हजार ) रूपए प्रतिमाह न्यूनतम एक वर्ष तक।
  • देश भर में फंसे करोडों मजदूरों को उनके घर तक पहुंचाने का समुचित व्यवस्था।
  • असंगठित क्षेत्र में कार्य कर रहे मजदूरों के स्वास्थ के लिए स्मार्ट मेडिकल कार्ड/कैशलेस मेडिकल कार्ड जारी करना।
  • मंहगाई के दृष्टिगत देशभर में न्यूनतम मजदूरी 500 रुपए प्रतिदिन अविलंब लागू करना।
  • काम के अधिकार को मौलिक अधिकारों में शामिल करना।
  • श्रमिक कार्ड बनाने के लिए श्रमिक कल्याण बोर्ड के नियमों का सरलीकरण
  • औधोगिक असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए 5000 रुपए एवं असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए 2000 रुपए प्रति माह पेंशन योजना लागू करना।

मजदूरों के लिए कल्याणकारी योजनाएं और कार्यक्रम बनाने की मांग

देश की कुल जनसंख्या का 68 प्रतिशत मजदूरों (International Labor Day) का है, जो देश के आर्थिक विकास ढांचे को सीधे तौर पर गतिशील रखते हैं। ऐसे में मजदूरों एवं उनके आश्रितों के लिए मजदूर कल्याणक योजनाएं और कार्यक्रम बनाकर लागू करने की आवश्यकता है।

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