Friendship Day Special,

55 साल की दोस्ती, खुशी में मिलने का सिलसिला आज भी नहीं टूटा

5 दशक से इस दोस्ती को नहीं तोड़ पाई धर्म, रिश्तों और जाति की दीवार

रायपुर. दुनिया के तमाम दोस्तों में सबसे निराला और खुशनुमा रिश्ता है दोस्ती (Friendship Day Special) का। यह रिश्ता जितना पुराना होता जाता है, उसकी मिठास और रौनक और भी बढ़ जाती है। फ्रेंडशिप डे पर न्यूज स्लाट्स टीम आपको बताने जा रही, ऐसे दोस्तों के बारे में जिनकी दोस्ती मिसाल है। बलौदा बाजार में रहने वाले अफरोज, लता,अरुणा और सुमन की दोस्ती, जिनकी दोस्ती को 5 दशक से भी ज्यादा पूरे हो चुके हैं। बचपन के चुलबुले दिनों में ये सभी बलौदाबाजार में एक साथ हुए। फिर ये रिश्ता दोस्ती में ऐसा बदला कि आज तक कायम है।

सभी दोस्तों (Friendship Day Special) ने जीवन का अलग-अलग पड़ाव साथ देखा, बदलती दुनिया से रूबरू हुए लेकिन तमाम व्यस्तताओं के बावजूद कभी एक-दूजे का हाथ नहीं छोड़ा। इनकी दोस्ती में ना कोई धर्म आड़े आया और ना जात-पात की दीवार बनी। यही वजह है कि चारों की दोस्ती का यह सिलसिला आज भी कायम है। इनकी जिंदादिली, ख़ुशी और चेहरों पर बिखरी ताजगीभरी मुस्कान को देख कौन यकीन करेगा कि ये दोस्ती गोल्डन जुबली से भी ज्यादा यानी 55 साल पूरी कर चुकी है।

एक-दूसरे की सेहत का रखते हैं ख्याल

चारों दोस्त (Friendship Day Special) एक-दूसरे की सेहत का भी विशेष ख्याल रखते हैं। कही भी हो, लेकिन समय-समय पर एक दूसरे से बातचीत करते रहते है, और उनका हाल चाल जानते रहते है। 55 साल के इस समय में कोई भी परेशानी हो, किसी ने किसी को भी अकेला नहीं छोड़ा। चारों की दोस्ती की चर्चा हमेशा घर, परिवार और रिश्तेदारों में होती रहती है।

बचपन में बनाए नियम अब भी चल रहे

वैसे तो दोस्ती का कोई नियम नहीं है। लेकिन, चारों ने अपनी दोस्ती के लिए कुछ नियम बनाए हैं। इसके तहत एक-दूसरे से लंबे समय तक नाराज नहीं रहना। विश्वास का मजबूत डोर से दोस्ती को बांधे रखना शामिल है। चारों का कहना है कि सभी रिश्ते हमें जन्म से मिलते हैं। लेकिन, दोस्त हम स्वयं बनाते हैं। इस वजह से उसे दिल से निभाने की जिम्मेदारी भी हमारी ही है।

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