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Durg university ने कहा, विद्यार्थी तैयार रहें, छुट्टियों में भी होगी परीक्षाएं

भिलाई . हेमचंद यादव विश्वविद्यालय durg university से संबद्ध कॉलेजों में पढऩे वाले विद्यार्थियों के लिए बड़ी खबर है। विवि प्रशासन ने मंगलवार को निर्देश जारी कर बताया है कि शासन से मार्गदर्शन मिलने के साथ ही विवि की रुकी हुई परीक्षाएं दोबारा से शुरू होंगी। परीक्षाओं के आयोजित होने पर कम गैप देकर अवकाश के दिनों में भी परीक्षा ली जाएगी।

विवि ने durg university कहा है कि परीक्षार्थी खाली न बैठे, वह परीक्षा को लेकर पूरी तैयारी रखें। इस लॉकडाउन में अपनी परीक्षा के प्रश्न-पत्रों का कई बार रिवीजन कर लें। ताकि जैसे ही परीक्षाएं शुरू हों, उनको परेशानी न आए। इसके साथ ही विवि ने कॉलेजों को कहा है कि अपने सभी परीक्षार्थियों को इस समय डिजिटल के जरिए नोट्स, स्टडी मटेरियल उपलब्ध कराएं।

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प्रथम वर्ष की पूरी परीक्षा बाकी

कोरोना वायरस की वजह से सभी विश्वविद्यालयों का सेशन चौपट हो चुका है। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय durg university में तो प्रथम वर्ष की परीक्षा शुरू भी नहीं हुई थी कि लॉकडाउन की स्थिति बन गई। इसी तरह द्वितीय वर्ष में भी सिर्फ कुछ ही विषयों की परीक्षा ली जा सकी। अंतिम वर्ष के भी कुछ प्रश्नपत्र अभी शेष हैं। यहां हेमचंद विवि ने कहा है कि अवकाश के दिनों में भी यानी रविवार और अन्य छुट्टियां में भी परीक्षाएं ली जाएंगी, लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि इन्हीं दिनों में छत्तीसगढ़ व्यापमं की भी प्रवेश परीक्षाएं होनी है।

तिथियों के बीच बेहतर तालमेल बनाना होगा

ऐसे में सभी तिथियों के बीच बेहतर तालमेल बनाना होगा। परीक्षा गैप हो जाएगा कम हेमचंद विवि ने अपने पत्र में कहा है कि शेष परीक्षाओं के बीच का समय कम हो जाएगा। यानी परीक्षा के लिए बमुश्किल एक या दो दिन का ही समय मिलेगा। पहले तक कुछ विषयों में 6-7 दिनों का समय मिला, उससे भी कुछ ज्यादा ही दिन पढ़ाई के लिए दिए गए, लेकिन यदि लॉकडाउन के बाद परीक्षा दोबारा लेने का फैसला लिया गया तो फिर इसमें बड़ा बदलाव होगा।

आज तक कभी नहीं मिला जनरल प्रमोशन

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय से जुड़े जानकारों व प्राचार्यों का कहना है कि इतिहास कभी भी ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन स्तर पर विद्यार्थियों को जनरल प्रमोशन नहीं दिया गया है। यूजीसी की गाइडलाइन और विश्वविद्यालयों durg university के अधिनियमों में भी इस प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं है। हां… फिर भी यदि विशेष परिस्थितियों में बिना परीक्षा दिए अगली कक्षा में भेजा गया तो इसके लिए केंद्र और राज्यों को विशेष व्यवस्था कर एक्ट में बदलाव कराने पड़ेंगे।

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