Dhanendra Sahu commented,

आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन पुंजीपतियों के लिए लाभदायी : धनेन्द्र साहू

रायपुर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आवश्यक वस्तु अधिनियम में बदलाव करके, उसे किसान हितैषी बताया है। पीएम मोदी के इस बयान पर पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष और विधायक धनेंद्र साहू (Dhanendra Sahu commented) ने टिप्पणी की है। विधायक ने संसोधित आवश्यक वस्तु अधिनियम को किसान हितैषी नहीं, बल्कि पुंजीपतियों के लाभकारी बताया है। विधाकय ने कहा, कि संसोधित अधिनियम को किसान हितैषी बताकर ढ़िढोरा पीट रही है।

विधायक साहू ने कहा, कि कृषि क्षेत्र में बडे़ निजी निवेशको एवं कृषि उपज के विपणन एवं अन्य ट्रेडिंग व्यवसाय में जुड़े पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए ही यह संशोधन लागू किया गया है। इससे सिर्फ कृषि उत्पादो के विपणन एवं टेªडिंग व्यवसाय से जुडे़ बडे़ उद्योगपतियों को ही फायदा होगा। छत्तीसगढ़ प्रदेश में वर्तमान कानून अनुसार किसानों को अपने कोई भी उपज को प्रदेश के किसी भी हिस्से में ले जाकर बेचने का अधिकार प्राप्त है।

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केंद्र सरकार ने किसानों को दिया धोखा

पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं विधायक धनेन्द्र साहू (Dhanendra Sahu commented) ने कहा, कि केन्द्र शासन द्वारा इसे किसानहित में बताते हुए ‘‘एक देश एक बाजार नीति‘‘ ‘‘किसान अब अपने उत्पादको का भंडारण कर सकेगा।‘‘ ‘‘किसान अपने उत्पाद को कहीं भी बेच सकेगा‘‘ और अधिक दामो में बेच सकेगा ‘‘ जैसे मुहावरे के द्वारा किसानो को फिर से धोखा दिया जा रहा है ।

पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं विधायक धनेन्द्र साहू ने कहा है कि केन्द्र शासन और माननीय प्रधानमंत्री जी को देश के आम किसानो की स्थिति की सही जानकारी ही नही है। देश के लघू एवं सीमान्त किसान एवं मंझोले किसानो की संख्या ही सर्वाधिक है ।

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कर्ज से लदा है देश का किसान

विधायक साहू (Dhanendra Sahu commented) ने कहा, कि देश का आम किसान आर्थिक रूप से इतना कमजोर है और कर्ज से लदा हुआ है , कि जैसे ही फसल की कटाई होती है तत्काल उसके सामने बेचने की जल्दी एवं मजबूरी रहती है । वे अच्छे दाम के इंतजार तक न तो फसल का अपना भंडारण मंहगे भंडार गृहों में करने की क्षमता है और न ही देश के दूसरे हिस्से में ले जा करके अनाज को उसके बेचने की क्षमता है ।

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मंडी में भुगतान 24 घंटे के अंदर हो

कृषि उपज मंड़ी में जहां किसानो की उपज का केन्द्र शासन द्वारा घोषित समर्थन मुल्यो पर बिक्री किये जाने की सुनिश्चितता किया जाना चाहिए । भुगतान 24 घण्टे के भीतर होना चाहिए । तौल में गड़बड़ी नही होना चाहिए, लेकिन ये सारी अनियमित्ता मंडियों में होने के कारण किसान अपने उपज को कोचिया, बिचैलिया एवं राईस मिलर्स लोगो के पास कम दामो में एवं लम्बे समय तक भुगतान होने के स्थिति में फसल बेचने पर मजबूर होता है ।

यदि केन्द्र सरकार एवं प्रधान मंत्री जी सहीं नियत से किसानो को फायदा पहुंचाना चाहते हैं तो सभी किस्म की अनाजों, दलहन,तिलहन एवं सभी तरह के कृषि उत्पादो का  सही समर्थन देने मूल्य स्वामीनाथन आयोग कमेटी की सिफारिशों को इमानदारी से लागू करें तथा देश की सारी कृषि उपज मंड़ियों में किसानो की सारी उपज को समर्थन मूल्य के ऊपर ही बेचने की सुनिश्चता करे ंएवं समर्थन मूल्य से कम की खरीदी करने पर एवं समय पर भुगतान नही करने वाले क्रेताओ पर कठोर कार्यवाही करने हेतु कानून बनायी जावे।

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