Councilors will be able to spend 4 lakh rupees from their funds to help the poor

अपनी निधि से 4 लाख रुपए गरीबों की मदद में खर्च कर पाएंगे पार्षद

रायपुर . नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने आयुक्तों को यह निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में लगे कोरोना लॉकडाउन की वजह से कोई भी गरीब Councilors और जरूरतमंद व्यक्ति या परिवार भोजन के लिए नहीं तरसे।

इसके लिए अब महापौर और पार्षद Councilors अपनी निधि का उपयोग उनकी मदद के लिए कर पाएंगे। बता दें कि छत्तीसगढ़ के कोराबा कटघोरा में गुरुवार को कोरोना के 7 नए पॉजीटिव मरीज मिलने के बाद से ही हडक़ंप मचा हुआ है। इसलिए प्रदेश में लॉकडाउन अभी और आगे बढ़ाने के संकेत मिल रहे हैं। इस बारे में जल्द ही प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के बीच बातचीत भी होने वाली है।

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निधि खर्च का आदेश जारी

महापौर और पार्षदों ने अपनी निधि से राशि खर्च किए जाने का प्रस्ताव निगमों के माध्यम से सरकार तक पहुंचाया था। इस पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने तमाम निगम आयुक्तों से महापौर और पार्षदों Councilors से प्राप्त प्रस्ताव पर आवश्यकता के हिसाब से कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है। इसके लिए जरूरी आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।

कैसे होगा गरीबों को फायदा

बता दें कि प्रदेश के 166 नगरीय निकायों में गरीबों को राशन उपलब्ध कराने के लिए चावल छोडक़र दाल, तेल, आटा, नमक और मसालों के लिए महापौर और अध्यक्ष एवं पार्षद निधि से खरीदा जा सकेगा। इसके पहले सभी निकायों को 67.40 करोड़ रुपए जारी किया जा चुका है। इसके अलावा प्रदेश के दानदाता भी गरीबों की मदद के लिए खुलकर सामने आ रहे हैं। हाल ही में विधायक व सांसदों ने भी अपना वेतन दान किया है। शासन के कर्मचारी भी एक दिन का वेतन दान दे चुके हैं।

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शहरी क्षेत्रों में पार्षदों के पास 4 लाख रुपए तक का मद होता है, जिसमें 2 लाख का राशन और एक लाख का मास्क और सेनेटाजर खरीदे जा सकते हैं। नगर पंचायतों में अध्यक्ष के पास एक साल में 15 लाख और पार्षदों के पास 2 लाख रुपए का मद होता है, इसमें से अध्यक्ष 7.5 लाख और पार्षद 1 लाख रूपए तक कर्च कर सकते हैं।

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