CM says on book day, books explain firm of right and wrong

पुस्तक दिवस पर सीएम बोले, सही और गलत का फर्म समझा देती हैं किताबें

रायपुर . आज विश्व पुस्तक दिवस book day है। दुनियाभर में करोड़ों की संख्या में लोग बुक्स के दिवाने हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी किताबें पढऩा बहुत पसंद है। पुस्तक दिवस पर सीएम बघेल ने कहा है कि किताबें हमारी सच्ची दोस्त हैं, मुझे जब भी समय मिलता है मैं पढ़ता हूं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट कर कहा कि जब भी हमें निर्णय लेने या राह चुनने में असमंजस हो, हमें एक सच्चे दोस्त की आवश्यकता होती है, किताबें हमारी वही सच्ची दोस्त हैं। इनमें जीवन जीने की कला से लेकर विचारों की आधारशिलाओं तक सब कुछ दर्ज है। आप सभी भी समय निकालकर किताबें जरूर पढ़ें।

इसलिए मनाते हैं पुस्तक दिवस

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन के द्वारा पढऩे, प्रकाशन और कॉपीराइट को बढ़ावा देने के लिए प्रतिवर्ष 23 अप्रैल को विश्व पुस्तक दिवस book day आयोजित किया जाता है। 23 अप्रैल 1564 को शेक्सपीयर का निधन हुआ था। शेक्सपीयर एक ऐसे लेखक थे, जिनकी कृतियों का अनुवाद विश्व की समस्त भाषाओं में हुआ है। उन्होंने अपने जीवनकाल में करीब 35 नाटक और 200 से अधिक कविताएं लिखीं। साहित्य जगत में शेक्सपीयर को जो स्थान प्राप्त है उसी को देखते हुए यूनेस्को ने 1995 और भारत सरकार ने 2001 में 23 अप्रैल के दिन को विश्व पुस्तक दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की है।

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युवाओं से दूर हो रही किताबें

बदलते युग में तकनीक की घुसपैठ के कारण book day किताबों के पठन में भारी गिरावट देखने को मिली है। अधिकतर युवा अब फेसबुक, वॉट्सएप और इंटरनेट पर अपना समय गुजारना पसंद करते हैं। किताबें अब केवल ड्राइंग रूम में सजावट का सामान बनकर रह गई हैं। किताबों के प्रति तेज गति से हो रहा मोहभंग चिंताजनक है।

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