CM Bhupesh Baghel,

सीएम बघेल ने केंद्रीय विद्युत मंत्री को लिखा पत्र

संशोधन बिल को स्थगित रखने किया आग्रह

रायपुर. सूबे के मुखिया सीएम भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने केन्द्र सरकार द्वारा प्रस्तावित विद्युत संशोधन बिल 2020 को समाज के गरीब तबको और किसानों के लिए अहितकारी बताया है। इस संबंध में केन्द्रीय विद्युत राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आर.के. सिंह को सीएम बघेल ने पत्र लिखकर देश की वर्तमान स्थिति को देखते हुए इस संशोधन बिल को फिलहाल स्थगित रखने का आग्रह किया है। सीएम बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने केंद्रीय विद्युत मंत्रालय द्वारा तैयार किए गए संशोधन बिल को लागू करने से पूर्व सभी राज्य सरकारों से इस पर विचार-विमर्श करने, की बात कही है।

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क्रास सब्सिडी का प्रावधान हितकर नहीं

सीएम बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने पत्र में लिखा है, कि इस संशोधन बिल में क्रास सब्सिडी का प्रावधान किसानों और गरीबों के हित में नहीं है। समाज के गरीब तबके के लोगों और किसानों को विद्युत सब्सिडी दिए जाने का वर्तमान प्रावधान जांचा परखा और समय की जरूरत के अनुरूप है। किसानों को विद्युत पर दी जाने वाली सब्सिडी यदि जारी नहीं रखी गई, तो किसानों के समक्ष फसलों की सिंचाई को लेकर संकट खड़ा हो जाएगा।

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वर्तमान का सिस्टम सही

सीएम भूपेश ने लिखा है कि वर्तमान में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर सिस्टम लागू है। यह सिस्टम पूरी तरह से सही है। इसमें बदलाव करने से समाज के गरीब तबके के लोग और लघु एवं सीमांत कृषक लाभ से वंचित हो जाएंगे। सीएम ने कहा है कि खेती-किसानी के सीजन में प्रति माह फसलों की सिंचाई के लिए यदि कोई किसान एक हजार यूनिट विद्युत की खपत करता है, तो उसे सात से आठ हजार रूपए के बिल का भुगतान करना होगा, जो उसके लिए बेहद कष्टकारी और असंभव होगा।

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संसोधन में निजीकरण को बढ़ावा

सीएम बघेल ने लिखा है कि, विद्युत संशोधन बिल 2020 में विद्युत के क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत सब लाइसेंसी और फ्रेन्चाईजी की नियुक्ति का भी प्रावधान है. यह प्रावधान चेक और बेलेन्स की नीति के विरूद्ध है, क्योंकि नियामक आयोग से लाईसेंस लेने के लिए सब लाईसेंसी और फ्रेंचाईजी बाध्य नहीं हैं। इससे यह स्पष्ट है कि यह अधिकार और कर्तव्य के सिद्धांत के भी विपरीत है।

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