Students trapped in Kyrgyzstan,,

भूपेश सरकार के इन फैसलों से समझे छत्तीसगढ़ में कैसा है कोरोना का मिजाज

रायपुर . कोरोना वायरस की वजह से अब बच्चों के पौष्टिक आहार देने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर अवकाश अवधि में स्कूली बच्चों को मध्यान्ह भोजन दिए जाने का निर्णय लिया गया है। इस योजना में मध्यान्ह भोजन के लिए 40 दिन का सूखा दाल और चावल बच्चों के पालकों को स्कूल से दिया जाएगा। प्राथमिक शाला के प्रत्येक बच्चे को 4 किलोग्राम चावल और 800 ग्राम दाल और उच्चतर माध्यमिक शाला के प्रत्येक बच्चे को 6 किलोग्राम चावल और 1200 ग्राम दाल दी जाएगी।

आंगनबाड़ी के बच्चों को भी फायदा

केन्द्र के बच्चों के लिए टेक होम राशन वितरण के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी और मिनी आंगनबाड़ी केन्द्रों को 31 मार्च 2020 तक बंद किया है। राज्य सरकार ने इस अवधि में 3 से 6 वर्ष आयु के समान्य, मध्यम और गंभीर कुपोषित बच्चों को गर्म भोजन के स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में 125 ग्राम रेडी टू ईट प्रतिदिन के मान से 750 ग्राम टेक होम राशन (रेडी टू ईट)का अनिवार्य रूप से वितरण के निर्देश दिए हैं। शेष हितग्राहियों को भी पात्रता अनुसार रेडी-टू-ईट का वितरण यथावत जारी रहेगा।

लाइसेंस लेने का समय बढ़ाया गया

प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में अनुज्ञा, परमिट, लायसेंस इत्यादि नवीनीकरण कराने की समय-सीमा एक माह की वृद्धि की गई है। राजस्व न्यायालयों में प्रकरणों की पेशी एक अप्रैल या उसके बाद रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश के नगरीय निकायों में सम्पत्ति कर जमा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च को बढ़ाकर अब 30 अप्रैल तक कर दिया गया है।

सेनेटाइजर के लिए यह फैसला

कोरोना वायरस (कोविड-19) की रोकथाम के उपायों के तहत छत्तीसग? सरकार ने अल्कोहल आधारित हैण्ड सैनिटाईजर (हैण्ड रब सॉल्यूशन) के औद्योगिक निर्माण के लिए दो डिस्टिलरी को लाइसेंस दिया है। कोरोना के उपचार में लगे स्वास्थ्य विभाग के अमले को विशेष भत्ता देने का फैसला।

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