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कोरोना काल में कीर्तिमान: RTE की राशि का ऑनलाइन भुगतान करने वाला देश का पहला राज्य बना छत्तीसगढ़

स्कूल शिक्षा मंत्री ने निजी स्कूलों की समस्या की दूर

रायपुर। आरटीई (RTE) की राशि का भुगतान लेने के लिए निजी स्कूलों को अब स्कूल शिक्षा विभाग का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। राज्य सरकार ने आरटीई की राशि का ऑनलाइन भुगतान करने के लिए लोक शिक्षण संचालनालय के माध्यम से सिस्टम जनरेट किया है।

इसी सिस्टम से बुधवार को स्कूल शिक्षा मंत्री ने प्रदेश के निजी स्कूलों को 101 करोड़ रुपए आरटीई राशि का भुगतान किया है। राज्य सरकार के इस नए सिस्टम की शासन के अन्य विभागों के अलावा छत्तीसगढ़ प्रायवेट स्कूल एसोसिएशन ने स्वागत किया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता और सचिव मोती जैन का कहना है, कि विभाग और राज्य सरकार के इस नए सिस्टम से आरटीई की राशि लेने में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

33 लाख 65 हजार 552 विद्यार्थी लाभान्वित

प्रदेश में अब तक शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत 33 लाख 65 हजार 552 विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं। कोरोना काल में 51 हजार 985 बच्चों को प्रवेश दिलाकर व्यवस्थित तरीके से ऑनलाइन राशि भेजी गई है। छत्तीसगढ़ के इस मॉडल को ओडिशा, झारखण्ड और आसाम राज्यों में भी अपनाया जा रहा है। बुधवार को स्कूल शिक्षा मंत्री ने जब निजी स्कूलों को राशि जारी की, उस दौरान संचालक लोक शिक्षण एवं समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक जितेन्द्र कुमार शुक्ल, सहायक संचालक अशोक कुमार बंजारा, सहायक संचालक प्रशांत पाण्डेय एवं बैंक के अधिकारी और इन्डस एक्शन संस्था के पदाधिकारी उपस्थित थे।

4 हजार 473 विद्यालयों का भुगतान भुगतान

विभागीय अधिकारियों की मानें तो प्रदेश में वर्ष 2019-20 में प्रदेश के निजी विद्यालयों को शिक्षण स्कूल की प्रतिपूर्ति हेतु भुगतान योग्य 5 हजार 403 विद्यालय थे। परीक्षण के बाद 4 हजार 473 निजी स्कूलों का भुगतान किया गया। वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 के शेष भुगतान (RTE) के लिए आवश्यक राशि 7 करोड़ 67 लाख 455 रूपए है।

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