रायपुर में 20 स्कूल संचालकों से ठगी! एसपी से शिकायत में हुआ ये बड़ा खुलासा

रायपुर। रायपुर में निजी स्कूलों को प्रमोशन और बच्चों के एडमिशन के नाम पर ठगे जाने का बड़ा मामला सामने आया है। निजी स्कूल संचालकों ने एसएसपी और एसपी आफिस में शिकायत की है। पुलिस शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है।

मिली जानकारी के अनुसार राहुल बनिक नाम का एक व्यक्ति है। इसने 15 से 20 स्कूलों को लाखों रुपये का चूना लगाया है। पीड़ितों के बताए अनुसार राहुल मलिक ने खुद को कमर्शियल कंपनी से बता कर संपर्क किया और कहा कि उसके राजधानी समेत तमाम शहरों में बड़े संपर्क है। उसकी कंपनी इंटरनेट मीडिया में प्रमोशन का काम करती है। अगर उसे प्रमोशन काम मिलता है तो स्कूलों का प्रचार-प्रसार करेगी साथ ही 100 से सवा सौ एडमिशन भी स्कूल को मिलेंगे। कोरोना के बाद खस्ताहाल हो चुके स्कूल संचालक राहुल बनिक की बातों में आ गए और उन्होंने राहुल को 40 से 70 हजार तक की रकम का भुगतान कर दिया। काफी समय तक कुछ नहीं होने पर स्कूल संचालकों ने जब राहुल को फोन करना शुरू किया तो वह अलग-अलग बहाने बनाने लगा और कुछ समय बाद उसका मोबाइल नंबर बंद कर लिया।

सभी काे बताया अलग-अलग आफिस

पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह जानकारी सामने आई है कि राहुल बनी ने जो नंबर स्कूल संचालकों को दिया था वह बंद कर दिए गए हैं। राहुल बनिक ने अलग-अलग स्कूल संचालकों को अपने निवास और आफिस का अलग-अलग पता और अलग-अलग मोबाइल नंबर दिया था।

चलाता है टेक्नोलाजी कंपनी
राहुल बीपी टेक्नोलाजी के नाम से कंपनी चलाता है। वहीं उसने कुछ लोगों को पैसे रिटर्न के लिए चेक दिए थे, वे सब बाउंस हो गए।

ठगी के गैंग में तीन लड़कियां भी
राहुल के गैंग में तीन लड़कियां भी शामिल थी। राहुल किसी स्कूल के संचालक से संपर्क करता था तो उनका भरोसा जीतने के लिए वह लड़कियों से बात करवाता था। ये लड़कियां खुद को किसी न किसी स्कूल से होना बताकर राहुल के द्वारा स्कूल में बच्चों के एडमिशन की बात करती थी। इससे स्कूल संचालक झांसे में आ जाते थे और राहुल को रकम दे देते थे।

रायपुर एडिशनल एसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि निजी स्कूल के आठ संचालकों ने प्रमोशन और एडमिशन के नाम पर ठगी की शिकायत दर्ज करवाई है। मामले की जांच की जा रही है।

छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने बताया कि स्कूल विज्ञापन देकर दाखिला करवाने के लिए कोशिश करते हैं। कुछ निजी स्कूलों द्वारा इस तरह का दाखिला लेने के लिए ऐसे लोगों की मदद लेना जो कि खुद उन्हें ही धोखा दे रहे हैं। स्कूलों को ऐसे व्यक्तियों को अवसर नहीं देना चाहिए।

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