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केंद्र ने दी मंजूरी, दूसरे राज्यों में फंसे छात्र, पर्यटक और तीर्थयात्रियों के लिए चलेगी ट्रेन

रायपुर . देश के अलग-अलग राज्यों में फंसे छात्रों lockdown students के लिए ये खुश खबर हो सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फैसला ले लिया है कि उन विद्यार्थियों को निकालने के लिए राज्य अपने स्तर पर ट्रेनों की अनुमति के लिए प्रस्ताव भेज सकते हैं। केंद्र सरकार ने इसके लिए मंजूरी दे दी है। केंद्र सरकार ने मजदूरों को गृह राज्य भेजने सहित तमाम गाइडलाइन जारी की है। जिसके बाद देश के कई राज्य सरकारों ने केंद्र सरकार से स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग की थी।

मजदूरों और छात्रों के साथ ही तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और अन्य व्यक्तियों के आवागमन को भी मंजूरी दी गई है। इसके लिए प्रदेश स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जो इसमें समन्वय बनाएंगे। सबसे अहम बात यह है कि इसके लिए विशेष पास की भी जरूरत न होगी। जल्द ही राज्य सरकारों की मांग के अनुरूप ट्रेनें चलाई जाएंगी।

झारखंड की ओर रवाना हुई पहली ट्रेन

गृह मंत्रालय की इजाजत मिलने के बाद शुक्रवार को ट्रेन lockdown students के पहिए एक बार फिर दौड़ पड़े। राज्य के मजदूरों को वापस लाने के लिए राज्य सरकारों से प्रयास शुरू किए हैं। इसी के तहत तेलंगाना के लिंगमपेल्ली में फंसे मजदूरों को लाने एक स्पेशल ट्रेन की व्यवस्था की गई, जो कि आज रात को झारखंड पहुंचेगी। इस ट्रेन में कुल 1200 मजदूर सवार है। जो अब आखिरकार अपने घर पहुंचेंगे। बता दें कि राज्यों ने केंद्र से अपील की थी कि दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को लाने फ्री में lockdown students ट्रेन की व्यवस्था कराई जाए।

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इसी वजह से तेलंगाना से झारखंड के लिए पहली ट्रेन चलाई  रेलमंत्री पीयूष l गई। यह ट्रेन सुबह 5 बजे तेलंगाना के लिंगमपेल्ली से छूट गई। जो अब रात को 11 बजे झारखंड के हतिया पहुंचेगी। कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए हर कोच में सिर्फ 56 मजदूरों को बैठने की इजाजत दी गई है। रेल lockdown train मंत्रालय का कहना है कि राज्य सरकार की अपील पर इसे चलाया गया है। जिसमें सभी तरह के नियमों का पालन किया गया है। ये सिर्फ इकलौती ट्रेन थी, जिसे लॉकडाउन के बीच चलाया गया है।

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