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केन्द्र और पश्चिम बंगाल सरकार में फिर तनातनी, गृहमंत्री शाह की दो टूक

नई दिल्ली. केंद्र सरकार और (Central government of india) पश्चिम बंगाल सरकार (Government of West Bengal) के बीच किसी न किसी मुद्दे को लेकर तनातनी कोई नई बात नहीं है। इस बार प्रवासी मजदूरों के मसौदे पर दोनों आमने-सामने है। बता दें कि कई राज्यों की सरकारें अपने मजदूरों को लाने विशेष ट्रेनों का संचालन कर रही है तो पश्चिम बंगाल सरकार ने ऐसी कोई पहल नहीं की है।

क्या सच में ये माही हैं… आंखों को यकीन नहीं हो रहा, हैरान रह गए सब

इस मुद्दे को लेकर शनिवार को गृह मंत्री अमित शाह (Central government of india) ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर कहा है कि प्रवासी मजदूरों को उनके घरों तक सही-सलामत पहुंचाने के लिए सभी प्रदेश सरकारें प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचने में मदद करने के लिए प्रदेश सरकार अपना योगदान दे रही है। लेकिन बंगाल सरकार (Government of West Bengal) राज्य में प्रवासियों को ट्रेन तक नहीं पहुंचने दे रही है। पश्चिम बंगाल तक ट्रेनों को नहीं आने देना उन प्रवासी मजदूरों के साथ अन्याय है जो अपने घर वापस लौटना चाहते हैं। यह उनके लिए और भी ज्यादा परेशानी पैदा कर सकता है।

प्रवासी मजदूरों को वापस लाने छत्तीसगढ़ को मिल गई है तीन ट्रेन!

बता दें कि केन्द्र सरकार (Central government of india) ने देश के अलग-अलग इलाकों से अलग-अलग स्थानों के लिए प्रवासी मजदूरों के परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराई है। मजदूरों के लिए विशेष ट्रेनों की बात पर जोर देते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि केन्द्र की मदद दो लाख मजदूरों को उनके-उनके प्रदेशों में भेजा जा रहा है। पश्चिम बंगाल में मौजूद प्रवासी मजदूर भी घर पहुंचने के लिए उत्सुक हैं और केन्द्र सरकार उन्हें ट्रेनों की सुविधा मुहैया करा रही है। लेकिन इसके बाद भी पश्चिम बंगाल सरकार (Government of West Bengal) से जो समर्थन मिलना चाहिए वह नहीं मिल रहा। प्रदेश सरकार ट्रेन को बंगाल पहुंचने की अनुमति ही नहीं दे रही। यह बंगाल में फंसे मजदूरों के साथ अन्याय है।

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