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50 साल पुरानी बोधघाट परियोजना को पुनरजीवित करने में जुटी भूपेश सरकार

बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना के भविष्य पर भूपेश सरकार गंभीर

रायपुर. बस्तर में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और बिजली जरूरतों के लिए 50 साल पुरानी बोधघाट परियोजना (Bodhghat Multipurpose Project) को पुनरजीवित करने की कोशिश शुरू की है। बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना के भविष्य पर चर्चा करने के लिए सीएम भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री आवास पर शनिवार को प्रदेश के जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की। बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों से सीएम भूपेश बघेल ने सुझाव मांगा।

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50 साल पुरानी है योजना

भूपेश सरकार ने बस्तर में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और बिजली जरूरतों के लिए 50 साल पुरानी बोधघाट परियोजना (Bodhghat Multipurpose Project) को पुनरजीवित करने की कोशिश शुरू की है। वर्ष 2020-21 के वार्षिक बजट में इसे शामिल किया गया है। केंद्रीय जल आयोग ने भी इसे हरी झंडी दिखा दिया है। राज्य सरकार की इस परियोजना (Bodhghat Multipurpose Project) का पर्यावरण कार्यकर्ता और स्थानीय आदिवासी विरोध कर रहे है। इस परियोजना से 42 आदिवासी गांव डूब जाएंगे, ऐसे आरोप है।  

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बैठक में ये रहे मौजूद

बैठक में जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, बस्तर सांसद दीपक बैज, राज्यसभा सांसद फूलो देवी नेताम, विधायक राजमन बेंजाम, शिशुपाल सोरी, रेखचंद जैन, मोहन मरकाम, देवती कर्मा, पूर्व सांसद अरविंद नेताम, जिला पंचायत अध्यक्ष बीजापुर शंकर खुडियाम, जिला पंचायत अध्यक्ष सुकमा हरीश लखमा, विक्रम मंडावी, मनोज मंडावी, संत नेताम सहित बस्तर अंचल के जिला पंचायत अध्यक्ष एवम अपर मुख्य सचिव जल संसाधन अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, सचिव जल संसाधन अविनाश चम्पावत, मुख्यमंत्री सचिवालय में उप सचिव सौम्या चौरसिया सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

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