छत्तीसगढ़ में बर्ड फ्लू मिलने से राजधानी में हड़कंप

तीन दिन में मिले 37 मृत कबूतर

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में मुर्गी के मृत शरीर से बर्ड फ्लू (bird flu) की पुष्टि हो चुकी है। गुरुवार को रायपुर के पंडरी स्थित पगारिया काम्प्लेक्स में दोपहर को सात मृत कबूतर पाए गए। पिछले तीन दिनों में राजधानी में कुल 37 मृत कबूतर मिले हैं। वहीं बर्ड फ्लू की पुष्टि हो जाने से लोगों में हड़कंप मच गया है।

दूसरी तरफ बर्ड फ्लू (bird flu) की पुष्टि हो जाने से स्वास्थ्य विभाग ने शहर के सभी सरकारी अस्पतालों में अलर्ट जारी कर दिया है। बर्ड फ्लू को लेकर किसी भी प्रकार के लक्षण दिखने पर तुरंत सूचित करने को कहा गया है। अपर संचालक डा. कार्तिकेय कुमार धु्रव पशुचिकित्सा सेवाएं ने भी पशु अस्पतालों में साफ-सफाई समेत ओपीडी में आ रहे बीमार पशुओं, पक्षियों के लक्षण पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।

बर्ड फ्लू का खतरा प्रदेश में बढ़े नहीं, इसके लिए संचालक पशु चिकित्सा विभाग ने आवश्यक प्रोटोकाल जारी करके सभी विकासखंड स्तर से पशु-पक्षियों के मरने पर रिपोर्ट मांगी है। इसके अलावा जहां भी मृत पक्षी पाया गया है। उस स्थल को सैनीटाइज कर पक्षियों के दाना, पानी की व्यवस्था की जिम्मेदारी नगर निगम को दिया गया है।

नियमित प्रयोगशाला को भेजें सैंपल

वहीं रायपुर कलेक्टर डा. एस. भारतीदासन ने इसके लिए निगरानी करने को रेपिड रिस्पांस टीम गठित की है। बर्ड फ्लू (bird flu) की पुष्टि होने के बाद राजधानी में सभी विभागों को सतर्क रहने के लिए निर्देश जारी किए हैं। प्रदेश के जिन जिलों में पशु, पक्षी, बाजार में पक्षी व प्रवासी पक्षियों की मौत होने पर इसकी जानकारी तत्काल प्रशासन को देने और पशु-पक्षियों के सिरोलाजिकल और वायरोलाजिकल सैंपल, लैब टेस्टिंग के लिए नियमित रूप से प्रयोग शाला में उपलब्ध कराना है।

मनुष्यों में आसानी से नहीं फैलता वायरस

सर्दियों की शुरुआत के साथ देश में विदेशी प्रवासी पक्षियों के आने के कारण बर्ड फ्लू फैलने की आशंका व्यक्त की है। अन्य राज्यों में मिले संक्रमण के लगभग सभी मामले संक्रमित जीवित या मृत पक्षियों, या एच5 एन1दूषित वातावरण के संपर्क में आने जुड़े हैं। रायपुर शहर के रेपिड रिस्पांस टीम के पशुचिकित्सक डा. संजय जैन ने बताया कि वायरस मनुष्यों को आसानी से संक्रमित नहीं करता है। इस बात का अभी तक कोई सबूत नहीं मिला है कि अगर संक्रमित पक्षी को ढंग से पकाया जाए तो उसे खाने से संक्रमण फैलता है।

क्या है बर्ड फ्लू

यह एक प्रकार का इंफ्लूएंजा वायरस है। पक्षियों में एक-दूसरे से फैलने वाला वायरस काफी संक्रामक होता है। यह उनमें सांस की गंभीर बीमारी का कारण बनता है। इसके कई स्ट्रेन हैं, लेकिन एच 5एन1 सबसे खतरनाक है। इंसानों में इस वायरस के मामले बहुत कम देखने को मिलता है। इस वायरस से मृत्यु दर 60 फीसद है। यह रोग पक्षियों का संक्रामक और घातक रोग है, जिसमें बैकयार्ड पोल्ट्री पालन और पोल्ट्री व्यवसायों को अत्यधिक हानि होती है। यह रोग मनुष्यों को भी संक्रमित करता है।

यह है बर्ड फ्लू का लक्षण

विशेषज्ञों की मानें तो बर्ड फ्लू में बुखार (अक्सर तेज बुखार) और बेचैनी, खांसी, गले में खराश और मांसपेशियों में दर्द इसके लक्षणों में शामिल हैं। शुरुआत में पेट में दर्द, सीने में दर्द और दस्त भी देखने को मिल सकती है। आगे यह संक्रमण सांस लेने में कठिनाई या सांस की तकलीफ, निमोनिया का कारण भी बन सकता है।

तत्काल कराएं उपचारः पशु चिकित्सा सेवाएं के संयुक्त संचालक व विशेषज्ञ डा. डीके नेताम ने बताया कि लोगों को यदि कहीं पर भी पशु-पक्षियों की मौत और बर्ड फ्लू जैसे लक्षण दिखें तो वे तत्काल संपर्क करें। उन्होंने इसका इलाज अस्पताल में तुरंत किया जाना चाहिए। आइसीयू की आवश्यकता हो सकती है। इसके इलाज में आमतौर पर एंटीवायरल दवा ओसेल्टामिविर का इस्तेमाल किया जाता है।

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