Ban ventilator, Banarasi paan hit 35 crores in seven weeks

वेंटीलेटर पर पान करोबार, बनारसी पान ने सात हफ्तों में लगा दी 35 करोड़ की चपत

इलाहबाद . बनारसी पान Banarasi paan की मिठास। चूने और कत्थे का स्वाद। ये सब लॉकडाउन में कहीं गुम सा हो गया। कोरोना संक्रमण काल में पान कारोबार खासकर बनारसी पान के कारोबार की ऐसी दुर्दशा हुई कि सभी हैरान हैं। बाकी चीजों को तो छोड़ दीजिए, सिर्फ पान के कारोबार से ही करोड़ों का नुकसान हुआ है। हमेशा से ही खाने के बाद लोगों के मुंह का स्वाद बदलने की प्रथा पान नहीं की पूरी की है।

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लॉकडाउन के 7 हफ्तों के बाद की स्थिति ये है कि देश के सभी कोनों और विदेश में भी पहुंच रखने वाला बनारसी पान अब वेंटिलेटर पर पड़ा हुआ है। बनारस Banarasi paan के पान करोबारियों का मनना है कि सात हफ्ते में पान के पत्तों से ही करीब 35 करोड़ का नुकसान हुआ है। बता दें कि बनारस में पान कारोबारियों के लिए खास तौर पर एक संगठन बनाया गया है। संगठन के अंजनि चौरसिया ने बताया कि हरा पान का पत्ता वाराणसी के चेतगंज स्थित पानदरीबा मंडी में आता है। जहां हिटिंग प्रकिया से गुजारकर हरे पत्तों को सफेद किया जाता है।

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लॉकडाउन की वजह से पान को डंप करना पड़ गया जिससे 35 करोड़ का नुकसान हुआ। रोजाना 25-30 लाख के टर्नओवर का कारोबार रुक जाने से अलग Banarasi paan से चपत लग रही है। पान के होलसेल कारोबार से 20-25 हजार व्यापारी जुड़े हैं, जबकि दुकानदारों की संख्या लाखों में हैं। लाखों के पान पत्ते सड़ चुके हैं।

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