इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के छात्रों का कमाल, अब इस किस्म से भी खाद बना सकेंगे किसान

रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के चतुर्थ वर्ष के छात्रों ने किसानाें को खेती की नई विधि से अवगत कराया। आमतौर पर किसान खाद बनाना तो सीख जाते है लेकिन मटकी खाद उनके लिए नया है। मटकी खाद से किसानों की फसल को एक नया पोषक तत्व मिलता है। खाद के द्वारा उर्वरा को वापस दिलाने का काम भी किया जा सकता है। इसी संदर्भ में चतुर्थ वर्ष के छात्रों ने किसानों को मटकी खाद बनाने की विधि बताई।

छात्रों ने किसानों को नीम तेल के गुणों से भी अवगत कराया कि नीम तेल फसलों में जैविक किटनाशक का कार्य करता है। इसके अलावा छात्रों ने मशरूम उत्पादन, ट्राइकोडरमा उत्पादन, मटकी खाद, एजोला उत्पादन एवं बीज उपचार के बारें में प्रायोगिक रूप से किसान भाइयो को बताया मौके पर कृषि विश्वविद्यालय के उद्यानिकी विशेषज्ञ एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ जी.डी साहू उपस्थित रहे।

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