AICTE

BREAKING : प्रदेश के 15 फार्मेसी कॉलेजों की एआईसीटीई से मान्यता खत्म

रायपुर . फार्मेसी एजुकेशन में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद AICTE (एआईसीटीई) का हस्तक्षेप खत्म हो गया है। यानी इस साल से छत्तीसगढ़ के तमाम फार्मेसी कॉलेज फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया की मान्यता के साथ चलेंगे। इसके साथ ही प्रदेश के उन 15 फार्मेसी कॉलेजों को एआईसीटीई AICTE कोर्स चार्ज लौटा देगा।

ये राशि प्रति कॉलेज करीब 15 लाख रुपए के आसपास है। लिहाजा, इन कॉलेजों को एक करोड़ रुपए के आसपास की रकम मिलने वाली है। AICTE प्रदेश के पुराने कॉलेजों को बंदोबस्त कोष लौटा चुका है, कुछ ही शेष रह गए हैं, लेकिन बीते कुछ साल में कोर्स शुरू करने वालों को यह रकम अब लौटाई जाएगी। बदले हुए नियम से अब फार्मेसी कॉलेज खोलने और कॉलेज में सीटों को बढ़ाने व घटाने का अधिकार सिर्फ पीसीआई के पास रहेगा। एआईसीटीई के पास फार्मेसी महाविद्यालयों पर नियंत्रण नहीं रहेगा।

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जारी हुई पीसीआई से मान्यता

प्रदेश में फार्मेसी के करीब 28 कॉलेज संचालित हो रहे हैं। बीते दो साल में ११ नए कॉलेज खोले गए। इनमें से 4 भिलाई-दुर्ग के क्षेत्रों में संचालित किए जा रहे हैं। इंजीनियरिंग में मार खाने के बाद कॉलेज संचालकों ने फार्मेसी पर दावं खेला और फार्मेसी की मान्यता ले ली। इन सभी कॉलेजों में से अधिकतर को गुरुवार को फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया ने मान्यता के लिए लेटर ऑफ अप्रूवलजारी कर दिया।

आखिर क्यों हो गया ऐसा

कुछ फार्मेसी महाविद्यालयों ने पीसीआई के नियमों को दरकिनार कर AICTE एआईसीटीई को प्रस्ताव भेज अपने-अपने संस्थानों में मनमर्जी से सीटें बढ़ा ली थीं। इस मामले में वर्ष 2013-14 में उच्च न्यायलय ने फैसला सुनाया था, लेकिन पीसीआई ने उच्च न्यायालय के फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी जिस पर 5 मार्च 2020 को सुनवाई के बाद फैसला सुनाया गया। हाल ही में एआईसीटीई ने उक्त कॉलेजों को पत्राचार करते हुए कहा है कि उनकी जमा राशि लौटाई जा रही है।

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