प्रदेश की 8 हजार गाडिय़ां बिना नंबर वाली, फर्राटे से दौड़ रही, आरटीओ हुआ बेबस

रायपुर . कोरोना लॉकडाउन की वजह से आरटीओ RTO कार्यालय में कामकाज अभी बंद रहा, जिससे प्रदेश में करीब आठ हजार से अधिक बीएस फोर गाडिय़ां बिना रजिस्ट्रेशन के सडक़ों पर फर्राटा भर रही है। लॉकडाउन से इनका रजिस्ट्रेशन ही नहीं हुआ और वाहन बिना पंजीयन दौड़ रहे। अब वाहनों के रजिस्ट्रेशन की अवधि बढ़ाने के लिए परिवहन विभाग RTO ने शासन को पत्र लिखा है। शासन से अनुमति मिलने के बाद ही वाहनों का रजिस्ट्रेशन दोबारा शुरू होगा।

रायपुर में 80 से ज्यादा डीलर

बता दें कि अकेले रायपुर में ही 80 ऑटो डीलर हैं। एक माह के अंदर लॉकडाउन के पहले करीब 8 हजार गाडिय़ां बेची गई थी। गाड़ी बेचने के सात दिन बाद ऑटो डीलर को आरटीओ कार्यालय में वाहन बिक्री के पेपर जमा करने होते हैं, ताकि 30 दिन में वाहन मालिक को आरसी बुक आरटीओ कार्यालय से दी जा सके। यहां लॉकडाउन की वजह से डीलर पेपर जमा नहीं कर पाए जिससे वाहन मालिक को RTO आरसी बुक नहीं मिल पाई।

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बंद हो चुका पंजीयन

एक अप्रैल से बीएस 4 वाहनों का पंजीयन बंद हो गया है, लेकिन 24 अप्रैल से लॉकडाउन की वजह से पेपर आरटीओ कार्यालय नहीं पहुंच पाया है, जिससे पंजीयन नहीं हो पाया है। इसे देखते हुए परिवहन विभाग ने पंजीयन के लिए शासन से अनुमति मांगी है। रविवार को ही राज्य शासन ने आदेश निकाला है कि अब से सभी RTO शासकीय कार्यालय दोबारा से शुरू होंगे, ऐसे में अब सिस्टम पटरी पर लौटने की संभावना है।

क्या होता है बीएस-6 इंजन

बीएस-4 इंजन वाली गाडिय़ां बीएस-3 इंजन के मुकाबले कम प्रदूषण फैलाती हैं। बीएस-4 इंजन वाली गाडिय़ों से निकलने वाला धुआं आंख और नाक में जलन, सिरदर्द, फेफड़ों में इन्फेक्शन जैसी समस्याओं को जन्म देता है। वहीं बीएस-6 ईधन से सल्फर की मात्रा बीएस-4 से 5 गुना तक कम होगी। बीएस-6 वाहनों में एडवांस एमीशन कंट्रोल सिस्टम फिट होगा। बीएस-6 लागू होने के बाद डीजल वाहनों से 68 प्रतिशत और पेट्रोल कारों से 25 प्रतिशत तक नाइट्रोजन ऑक्साइड का उत्सर्जन कम हो जाएगा। रायपुर आरटीओ शैलाभ साहू ने कहा कि लॉकडाउन के चलते करीब 8 हजार वाहनों का रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया है। रजिस्ट्रेशन के लिए शासन से अनुमति मांगी गई है।

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