Murder Case: धारदार हथियार से किए 51 वार, फ्लाइट से आकर प्रेमिका का मर्डर करने वाले की तलाश जारी

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा में शनिवार 20 साल की युवती नील कुसुम पन्ना की निर्मम हत्या की गई थी. खून से लथपथ उसका शव घर के कमरे से बरामद किया गया था. शव का पोस्टमार्टम कराया गया था. रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि आरोपी ने 51 बार धारदार हथियार से उसकी शरीर पर वार किए थे. पहले तो आरोपी ने नील कुसुम को तकिए से मुंह दबाकर मार डाला. फिर हथियार से कई बार नील के शरीर को गोदा.

सीने, गले, चेहरे और पीठ कर किए वार

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, नील के सीने, गले, चेहरे और पीठ पर कुल 51 गहरे जख्म पाए गए हैं. वारदात के दौरान युवती ने हमलावर के साथ अपने बचाव के लिए संघर्ष भी किया, जिसके चलते उसके हाथ पर धारदार हथियार से चोट पहुंचाई गई. हत्यारे ने नील का मुंह तकिए से दबा दिया था, ताकि वह शोर नहीं मचा सके.

लव ट्रायंगल की बात आई सामने

पुलिस की तहकीकात में सामने आया है कि संभवत नील की हत्या लव ट्रायंगल में की गई है. शाहबाज खान नाम के युवक के उसकी लगातार बात होती थी. साथ ही वह जशपुर के किसी युवक से भी संपर्क में थी. यह भी पता चला कि नील ने शाहबाज खान से बात करना बंद कर दिया था, जबकि शाहबाज उसे लगातार फोन करता था.

पुलिस के मुताबिक, गुजरात में काम करने वाला शाहबाज फ्लाइट से रायपुर आया. वह बस से रायपुर से कोरबा पहुंचा और घर में घुसकर नील की हत्या कर दी और फरार हो गया. पुलिस ने यह भी कहा कि आरोपी को पता था कि घर के सदस्य कब अपने-अपने काम पर जाते हैं.

हत्या सुबह आठ बजे से लेकर दोपहर 12.30 के बीच की गई है. दोपहर में जब नील का भाई नितेश घर वापस आया, तो उसका लहुलुहान शव कमरे में पड़ा देखा. मामले में फिलहाल हत्या के संदेही युवक शाहबाज खान की तलाश की जा रही है. पुलिस का कहना है कि शाहबाज खान के पकड़े जाने के बाद ही हत्या के वास्तविक कारण का खुलासा हो सकेगा.

यह है पूरा मामला

कोरबा में सिटी कोतवाली की सीएसईबी पुलिस चौकी क्षेत्र में शनिवार 20 साल की युवती नील कुसम पन्ना की क्रूरता से हत्या की गई थी. वारदात के समय नील साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की पंप हाउस कॉलोनी के आवास क्रमांक एम 271 में अकेली थी.

उसके पिता बुधराम पन्ना काम पर निकल गए थे. मां निजी स्कूल में आया का काम करती है. इसलिए मां को छोड़ने के लिए भाई नितेश गया था. नितेश करीब 12.30 बजे घर वापस आया. घर का बाहर का दरवाजा अंदर से बंद मिला. उसने काफी देर तक बहन को दरवाजा खोलने के लिए आवाज दी, लेकिन नील नहीं आई.

कमरे में पड़ी थी नील की लाश

मेन गेट नहीं खुलने पर नील घर के पीछे के दरवाजे पर गया. देखा तो वह खुला था. घर में अंदर दाखिल हुए नितेश की आंखे अपनी बहन नील के खून से लथपथ शव को देख कर फटी रह गई. उसने देखा कि बहन के मुंह पर तकिया रखा था. लाश देखकर नितेश चिल्लाता हुआ घर से बाहर निकला.

नितेश का शोर सुनकर आस-पास के लोग दौड़कर उसकी ओर आए. उसने बहन की लाश घर में पड़े होने की बात कही. नील के मर्डर की जानकारी पिता बुधराम पन्ना को दी. साथ ही डायल 112 और सीएसईबी चौकी पुलिस को भी जानकारी दी. डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची. नील को इस उम्मीद के अस्पताल ले जाया गया कि उसे बचाया जा सकेगा. मगर, अस्पताल में डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया था.

घर में मिली थी शाहबाज खान के नाम की फ्लाइट टिकट

नील की हत्या के मामले में एसपी विश्व दीपक त्रिपाठी और सिटी कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर रूपक शर्मा भी मौके पर पहुंच थे. कमरे में खून ही खून फैला हुआ था. पुलिस को मौके से खून में सना तकिया, शाहबाज खान नाम के युवक के नाम का अहमदाबाद से रायपुर की एयर टिकट, रायपुर से बिलासपुर तक की बस की टिकट मिली.

इसके अलावा कमरे से एक शर्ट और कुछ अन्य सामान भी मिला था. हालांकि, जिस धारदार हथियार से नील पर हमला किया गया, वह बरामद नहीं हुआ. डॉग स्क्वायड की भी मदद ली गई. मगर, कोई सुराग नहीं मिला.

बस हेल्पर था शाहबाज, स्कूल के लौटने के दौरान हुई थी दोस्ती

पुलिस के मुताबिक, शाहबाज भी जशपुर का रहने वाला है और पिछले कुछ समय से गुजरात में नौकरी करता था. मृत युवती का पिता बुधराम पन्ना भी जशपुर जिले का ही रहने वाला है. दो साल पहले तक मृतक नील जिले के मदनपुर गांव स्थित मिशनरी के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी.

वह समय-समय पर निजी बस से कोरबा आती थी. नील कुसुम जिस बस से आती जाती थी, शाहबाज खान उस बस में हेल्पर का काम करता था. यात्रा के दौरान दोनों का परिचय हुआ था, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गया था. गुजरात जाने के बाद भी शाहबाज और नील कुसुम में लगातार बात होती थी.

कुछ समय से नील और शाहबाज में चल रही थी अनबन

मगर, कुछ समय से नील और शाहबाज के बीच अनबन चल रही थी. उनकी व्हाट्सएप चैट से सामने आया है कि नील उससे बात नहीं करना चाहती थी. मगर, शाहबाज लगातार उसे फोन करता था.

सीटी कोतवाली प्रभारी नगर निरीक्षक रूपक शर्मा का कहना है कि लगता है शाहबाज ने ही गुजरात से कोरबा आकर नील की हत्या की है. नील की बात जशपुर के युवक से भी होती थी. संभवत: उसे यह पसंद नहीं होगा और नील भी उससे बात करना नहीं चाहती थी. इसलिए वह फ्लाइट से यहां आया और वारदात को अंजाम देकर भाग गया.

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