आम नागरिक भी कर सकेंगे ATR के जंगल में अब वन्य प्राणियों की गणना

रायपुर। अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) में अक्टूबर में होने वाली वन्य प्राणियों की गणना में इच्छुक नागरिक भी शामिल होकर विभाग की मदद कर सकते हैं। वन विभाग इस तरह का प्रयोग पहली बार कर रहा है।

प्रयोग करने की बड़ी वजह टाइगर रिजर्व में वन्यकर्मियों की कमी को बताया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है, कि गणना में आम लोगों का सहयोग मिलेगा, तो विभागीय कार प्रभावित नहीं होगा। आपको बात दे कि यह गणना चार साल में एक बार होती है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के दिशा-निर्देश पर टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है।

राजस्थान से प्रशिक्षण लेकर लोटे अधिकारी

गणना से पूर्व गणना करने को तरीके को जानने के लिए वन विभाग के अधिकारियों ने राजस्थान जाकर प्रशिक्षण लिया। अब वे संभाग के अन्य अधिकारियों को गणना की पूरी विधि की विस्तृत जानकारी दे रहे हैं। चूंकि इस बार गणना में कागज के प्रारुप का उपयोग नहीं होना, केवल मोबाइल एप के जरिए वन्य प्राणियों की जानकारी भरनी है। इसलिए उन्हें इस एप और जानकारी दी जा रही है। अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) में वन अमले के साथ-साथ ट्रैप कैमरे का इस्तेमाल किया जाएगा। इसलिए प्रबंधन अभी से कैमरे की व्यवस्था में जुट गया।आवश्यकता पडऩे पर डब्ल्यूडब्ल्यूएफ से भी सहयोग लिया जाएगा।

सात दिन तक जांच

कैमरे के साथ वन अमला सात दिन ट्रेल व ट्रांजिट लाइन पर चलेगा। विभाग के पास इतने कर्मचारी नहीं हैं कि गणना को बेहतर ढंग से किया जा सके। टाइगर रिजर्व  (ATR) के अंदर 108 बीट हैं। जबकि कर्मचारियों की संख्या बामुश्किल 50 से 60 के बीच है। ऐसे में रिसर्च रखने वाले आम लोग मदद करेंगे तो गणना का कार्य बेहतर ढंग से संचालित हो जाएगा। हालांकि इसके एवज में टाइगर रिजर्व प्रबंधन उन्हें किसी तरह की राशि नहीं देगा। लेकिन रहने व खाने की पूरी व्यवस्था उन्हीं की रहेगी। जल्द ऐसे लोगों से आवेदन मंगाया जाएगा। इसी के आधार पर एक सूची तैयार की जाएगी।

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